चदौली: आम बजट 2026 के पेश होने से पहले देशभर की तरह चंदौली जिले में भी लोगों की निगाहें सरकार पर टिकी हुई हैं. बढ़ती महंगाई, रोजगार की कमी, उद्योगों की चुनौतियां और आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर लोगों ने बजट से बड़ी उम्मीदें लगा रखी हैं. इसी कड़ी में लोकल 18 के संवाददाता ने चंदौली के लोगों से बातचीत की, जिसमें बुजुर्गों, युवाओं, व्यापारियों और उद्यमियों ने अपनी-अपनी बातें खुलकर सामने रखीं.
दरअसल, चंदौली के लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने घरेलू बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है. खासतौर पर सोना और चांदी के दाम इतने अधिक हो गए हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुके हैं. शादी-विवाह और सामाजिक जरूरतों के लिए अब गहने खरीदना मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि आम बजट में महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.
बुजुर्गों के हित में होना चाहिए यह बजट
सेवानिवृत्त कर्मचारी चंद्रिका सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में कहा कि यह बजट भारत निर्माण की दिशा में काफी महत्वाकांक्षी साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार अब तक बुजुर्गों के हित में कई योजनाएं ला चुकी है और आगे भी इस वर्ग का ध्यान रखा जाएगा. चंद्रिका सिंह ने कहा कि किसान, नौजवान और बुजुर्ग. सभी के लिए बजट में कुछ न कुछ खास होना चाहिए, तभी यह बजट संतुलित माना जाएगा.
किफायती दरों पर टिकट की हो व्यवस्था
वहीं, युवाओं की बात करें, तो रोजगार और सुविधाजनक परिवहन उनकी सबसे बड़ी मांग है. युवा रोहन भारुका ने लोकल 18 से कहा कि जो छात्र रेलवे के माध्यम से दूसरे शहरों में पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाएं देने जाते हैं, उनके लिए किफायती दरों पर टिकट की व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बढ़ते किराए की वजह से पढ़ाई पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, जिसे सरकार को समझना चाहिए.
इंडस्ट्रियल बिजली दरों को किया जाए सस्ता
उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों ने बजट से विशेष राहत की उम्मीद जताई है. उद्यमी चंद्रेश्वर जायसवाल ने लोकल 18 से बताया कि उद्योगों के लिए बिजली सबसे जरूरी संसाधन है, लेकिन मौजूदा समय में बिजली की दरें काफी अधिक हैं. उन्होंने सरकार से मांग की कि इंडस्ट्रियल बिजली दरों को सस्ता किया जाए, ताकि उद्योग टिक सकें और नए निवेश को बढ़ावा मिले.
सिंगल विंडो सिस्टम किया जाना चाहिए लागू
उन्होंने यह भी कहा कि नए उद्यमियों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाना चाहिए, जिससे उद्योग लगाने के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. एक ही स्थान पर आवेदन हो और तय समय सीमा के भीतर सभी जरूरी एनओसी मिल जाएं. इसके साथ ही सस्ते ब्याज दर पर बैंक लोन की सुविधा भी दी जाए, ताकि नए उद्यमी बिना परेशानी के अपना व्यवसाय शुरू कर सकें.
गहने खरीदना अब हो गया बेहद मुश्किल
वहीं, चंद्रेश्वर जायसवाल ने सोना और चांदी के बढ़ते दामों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए गहने खरीदना अब बेहद मुश्किल हो गया है. सरकार को चाहिए कि इस बजट में गोल्ड और सिल्वर को सस्ता करने का प्रावधान करे, जिससे आम लोग भी खरीदारी कर सकें और व्यापार को भी बढ़ावा मिले.
नौजवानों के लिए निकले सरकारी नौकरी
युवाओं और व्यापारियों की संयुक्त समस्याओं को गुरदीप सिंह ने लोकल 18 के सामने रखा. उन्होंने कहा कि नौजवानों के लिए सबसे बड़ी जरूरत नौकरी है. इसके साथ-साथ पढ़ने वाले छात्रों के लिए परिवहन सुविधा मुफ्त या रियायती होनी चाहिए. जैसे कुछ राज्यों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाती है, उसी तरह छात्रों को भी यह सुविधा मिलनी चाहिए.
नक्शा पास कराने की प्रक्रिया है जटिल
वहीं, गुरदीप सिंह ने कहा कि मकान निर्माण से पहले नक्शा पास कराने की प्रक्रिया बहुत जटिल है. आम लोग इसे समझ नहीं पाते और चाहकर भी नक्शा पास नहीं करा पाते. उन्होंने मांग की कि सरकार इस प्रक्रिया को सरल बनाए, ताकि ज्यादा लोग नियमों के तहत निर्माण करा सकें. इससे सरकार को भी राजस्व मिलेगा और आम जनता को राहत मिलेगी.
व्यापारियों पर न पड़े अनावश्यक बोझ
इसके अलावा उन्होंने यूपी में जीएसटी के अलावा मंडी शुल्क और जिला पंचायत कर जैसे अतिरिक्त टैक्स का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इन पर सरकार को दोबारा विचार करना चाहिए, ताकि व्यापारियों पर अनावश्यक बोझ न पड़े. बता दें कि चंदौली के लोगों की राय यही है कि आम बजट 2026 में महंगाई पर नियंत्रण, रोजगार के नए अवसर, उद्योगों को बढ़ावा, व्यापारियों की सुरक्षा और युवाओं-बुजुर्गों के लिए विशेष योजनाएं शामिल होनी चाहिए. लोगों को उम्मीद है कि सरकार उनकी आवाज सुनेगी और यह बजट आम आदमी के लिए राहत लेकर आएगा.

