Uttar Pradesh

जनसामान्य की राय: “आजम खां की जरूरत है,…” सपा नेता जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे, जेल से छूटने के बाद बदला माहौल, रामपुर में एक्टिव हुए

रामपुर। सपा नेता और पूर्व मंत्री आजम खां ने जेल से छूटने के बाद दिल्ली में इलाज कराने के बाद रामपुर लौटकर पहली बार जौहर यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज का दौरा किया। यहां उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और युवाओं के भविष्य की समस्याओं को समझने पर जोर दिया।

जौहर यूनिवर्सिटी में आजम खां की मौजूदगी से छात्रों के बीच एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। लोकल 18 ने इस बारे में छात्रों से बात की। यूनिवर्सिटी के छात्र मोहम्मद आफताब ने बताया कि जब आजम खां कैंपस में पहुंचे तो सभी छात्रों को बहुत खुशी हुई। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई-लिखाई को लेकर सवाल किए और पूछा कि कहीं किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं है।

आफताब ने कहा कि उनकी गैरमौजूदगी में हमें किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई, लेकिन उन्हें यूनिवर्सिटी में देखना हमारे लिए गर्व की बात थी। अल्लाह उनकी सेहत सलामत रखे। राजनीति या चुनाव की बात वो यहां नहीं करते। हमेशा तालीम और हमारे भविष्य पर जोर देते हैं।

बी-फार्मा सेकेंड ईयर के छात्र ने कहा कि आजम खां के आने से यूनिवर्सिटी का माहौल बदल गया है। जैसे ही खबर फैली कि वह कैंपस में आ रहे हैं तभी से यूनिवर्सिटी में अनुशासन बढ़ गया। उनके आने से सब खुशहाल हो गए हैं और हर किसी के चेहरे पर मुस्कान है।

छात्र फाजिल अली ने कहा कि आजम खां की मौजूदगी से यूनिवर्सिटी अब फिर से खुशहाली की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजम खां जैसे रहनुमा की छात्रों को उतनी ही जरूरत है जितनी जिस्म को सांस की जरूरत होती है। अगर वह हमारे बीच नहीं होंगे तो हमारी तालीम अधूरी रह जाएगी।

छात्र मोहम्मद आफताब ने कहा कि शेर वापस आ चुका है। मैदान में उतर चुका है। हमें पूरा यकीन है कि अब माहौल और बेहतर होगा।

आजम खां ने भी इस दौरान छात्रों से बातचीत में कहा कि उनका पूरा ध्यान युवाओं और जनता की समस्याओं को समझने और उनके समाधान पर रहेगा। उन्होंने जेल में बिताए अपने दिनों को भी याद किया और बताया कि पांच साल तक छोटी सी कोठरी में रहने का सीधा असर उनकी सेहत पर पड़ा है। यही वजह है कि अब उनकी प्राथमिकता स्वास्थ्य सुधार है।

छात्रों का मानना है कि आजम खां की मौजूदगी से तालीम की नई इबारत लिखी जाएगी।

You Missed

Top StoriesMar 25, 2026

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधायी कार्यों में हस्तक्षेप के लिए गोरे के निलंबन निर्देश के बाद प्रतिक्रिया व्यक्त की

मुंबई: एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना के लिए एक बड़ा झटका यह है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस…

Scroll to Top