Uttar Pradesh

Pilibhit Encounter : NIA का भगोड़ा कर रहा था खालिस्तानी आतंकियों की मदद… जसपाल ने किया खुलासा

पीलीभीत : पीलीभीत एनकाउंटर को अब 6 दिन बीत चुके है लेकिन जांच की आंच अभी भी ठंडी नहीं हुई है. पुलिस और जांच एजेंसियों को इन 6 दिनों में अहम सुराग मिले हैं. स्थानीय युवकों को खालिस्तानी आतंकियों की मदद के लिए लंदन से फोन कॉल करने वाले की तस्दीक भी पुलिस ने कर ली है. फोन कॉल करने वाला शख्स बब्बर खालसा नामक संगठन से जुड़ा है. वहीं एनआईए ने एक मामले में इस आतंकी पर 10 लाख रुपए का इनाम भी रखा है.बीते कई दिनों से पीलीभीत पुलिस के साथ ही साथ एटीएस व एनआईए की टीमें भी तराई का खालिस्तानी लिंक तलाशने में जुटी हुई हैं. इस सिलसिले में लगातार छापेमारी व जांच जारी है. सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस उन 2 युवकों तक पहुंची थी जो खालिस्तानी आतंकियों के मददगार बने हुए थे. इसी दौरान लंदन से फोन कॉल कर युवकों कि मदद करने की सिफारिश की बात सामने आई थी. पुलिस हिरासत में जसपाल उर्फ सनी ने इस कॉल को लेकर एक बड़ा ख़ुलासा किया है. यह कॉल करने वाला और कोई नहीं बल्कि खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का दुर्दांत आतंकी कुलबीर सिंह उर्फ़ सिद्धू है.18 महीने पीलीभीत में रुका था सिद्धूआपको बता दें कि पंजाब के रूप नगर ज़िले के नंगल में विहिप नेता विकास बग्गा हत्याकांड की साजिश रचने वाले सिद्धू के सर पर एनआईए ने 10 लाख का इनाम रखा हुआ है. सिद्धू के इशारे पर ही जसपाल खालिस्तानी आतंकियों की मदद कर रहा था. जानकारी के मुताबिक सिद्धू पूर्व में तकरीबन डेढ़ साल तक पूरनपुर व गजरौला जब्ती में ठहरा था. इसी दौरान उसने पूरनपुर में कई स्थानीय लिंक बनाए. बताया जा रहा है सिद्धू ने पूरनपुर के ही किसी युवक के खाते में फिरौती की रकम लेकर विहिप नेता की हत्या करने वाले शूटर को भेजे थे. इस पूरे मामले में अब पुलिस सिद्धू तक पहुंचने के प्रयास कर रही है. वहीं पुलिस बब्बर खालसा के आतंकी सिद्धू के मददगारों की तलाश में भी जुटी हुई है.FIRST PUBLISHED : December 28, 2024, 20:56 IST

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