03 प्रोफेसर मुकेश पांडे ने कहा कि प्रत्येक भारतीय के मन में बचपन से वर्दी पहनकर देश सेवा की चाह रहती है, लेकिन उनके भाग्य में देश सेवा एक शिक्षक के रूप में लिखी थी. हालांकि बचपन में देखा गया सपना आज एनसीसी के माध्यम से साकार हुआ है. उन्होंने बताया कि वर्दी पहनने के बाद अपनी जिम्मेदारियों और अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक मजबूती से करना होगा. साथ ही राष्ट्र निर्माण में एनसीसी कैडेट्स और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों के साथ योगदान सुनिश्चित करना होगा.
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65 एसएचओ को स्थानांतरित किया गया है कानून और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए
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