Last Updated:January 19, 2026, 07:48 ISTPilibhit News: पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में हाथियों के झुंड ने किसानों की फसलें रौंद दीं. कोहरे के कारण वन विभाग को निगरानी में परेशानी हुई. हाथियों के डर से किसान रातभर खेतों की रखवाली कर रहे हैं. वन विभाग ने अलर्ट जारी किया है.पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) के आस-पास बसे गांवों में इन दिनों जंगली हाथियों ने दहशत फैला रखी है. पिछले करीब दो महीनों से हाथियों का एक झुंड माला रेंज के जंगलों में डेरा जमाए हुए है, जिससे आस-पास के ग्रामीण और किसान बेहद डरे हुए हैं. शुक्रवार की रात हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. दरअसल ताजा मामला माला रेलवे स्टेशन के पास का है. शुक्रवार रात जंगल से निकलकर हाथियों का झुंड गजरौला क्षेत्र के महुआ और उसके आस-पास के गाँवों के खेतों में घुस गया. यहां हाथियों ने खड़ी फसलों को पैरों तले रौंद दिया. इलाके के रहने वाले किसान जगदीश मिस्त्री के खेत की बाउंड्री वॉल और पिलर हाथियों ने तोड़ डाले. वहीं, एक अन्य ग्रामीण सनातन मंडल के खेत में बने छप्पर (झोपड़ी) को भी हाथियों ने उजाड़ दिया. किसानों का कहना है कि उनकी मेहनत की फसल अब पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है.
कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम रात में ही मौके पर पहुँच गई थी. टीम ने हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन घने कोहरे के कारण बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई. विजिबिलिटी कम होने की वजह से वनकर्मी यह नहीं देख पा रहे थे कि हाथी किस दिशा में गए हैं. हाथियों की लोकेशन ट्रैक न हो पाने के कारण टीम को काफी परेशानी हुई. वनकर्मियों ने बताया कि कोहरा इतना घना था कि चंद हाथ की दूरी पर भी कुछ नजर नहीं आ रहा था, जिसके चलते हाथियों की निगरानी करना संभव नहीं हो सका.
जान जोखिम में डालने को मजबूर किसान
हाथियों के लगातार बढ़ते हमलों के कारण किसान अपनी जान जोखिम में डालकर रात-रात भर खेतों की रखवाली कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि अगर वे खेतों पर न जाएँ तो हाथी पूरी की पूरी फसल चट कर जाते हैं या रौंद देते हैं. हालांकि, हाथियों के सामने जाना सीधे मौत को दावत देने जैसा है.
पूरे मामले पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत वन एवं वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डीके ने बताया कि विभाग ने पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है. विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय अकेले खेतों की ओर न जाएँ. कोहरा निगरानी में बाधा बन रहा है. हालांकि उम्मीद है जल्द हाथियों को जंगल में खदेड़ दिया जाएगा.About the AuthorLalit Bhattपिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ेंLocation :Pilibhit,Pilibhit,Uttar PradeshFirst Published :January 19, 2026, 07:48 ISThomeuttar-pradeshपीलीभीत के इन गांवों में हाथियों का आतंक, किसानों की फसलें की तबाह

