बरेली: बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने हाल ही में जातिगत भेदभाव पर यूजीसी के नए नियमों और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान का विरोध करते हुए नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, सरकारी सेवाओं के नियमों के उल्लंघन को लेकर उन्हें निलंबित भी कर दिया गया. ये पूरी कार्रवाई के बाद लगातार हलचल बनी हुई है. कभी कुछ सामने आता है तो कभी कुछ. हर कोई जानना चाह रहा था कि आखिर बरेली छोड़कर अलंकार कहां गए. अब उनका पता लग गया. आइए जानते हैं सबकुछ…
यह है पूरी टाइमलाइन
26 जनवरी1:30 PM इस्तीफा और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल3:00 PM सरकारी आवास पर भीड़ जुटी5:00 PM मीडिया से बातचीत6:41 PM डीएम आवास के लिए रवाना8:30 PM लौटकर प्रेस वार्ता10:00 PM बंधक बनाए जाने का आरोप11:00 PM निजी वाहन से रवाना3:00 AM वापस आवास लौटे
27 जनवरी11:00 AM पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचे11:15 AM धरने पर बैठे12:17 PM डीएम चेंबर के सामने नारेबाजी5:00 PM आवास पर पुलिस तैनाती बढ़ी7:48 PM हाउस अरेस्ट का स्टेटस
28 जनवरी
10:00 AM आवास के बाहर समर्थक जुटे
10 बजकर 10 मिनट- मीडिया से बात की
2:18 PM निजी वाहन से लखनऊ भेजे गए
7:00 PM बरेली छोड़ने की जानकारी वाला स्टेटस
अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है. वहीं उनके इस्तीफे के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. अलंकार ने आरोप लगाया कि बरेली के डीएम आवास में उन्हें 45 मिनट तक बंधक बनाकर रखा गया, मानसिक दबाव डाला गया और लखनऊ से आए फोन पर जातिगत टिप्पणियां की गईं. उन्होंने इसे साजिश बताया.
उत्तर प्रदेश सरकार ने उसी दिन रात उन्हें अनुशासनहीनता का दोषी मानकर निलंबित कर दिया. विभागीय जांच के आदेश दिए गए, जिसमें बरेली मंडल आयुक्त को जांच अधिकारी बनाया गया. निलंबन के बाद उन्हें शामली जिले से अटैच किया गया, लेकिन वे बरेली में ही रहे. 28 जनवरी 2026 को भारी पुलिस बल के साथ उन्हें बरेली के एडीएम कंपाउंड से बाहर निकाला गया.उनके समर्थकों ने विरोध किया, गाड़ी के आगे लेटकर रास्ता रोका और हंगामा हुआ. पुलिस ने स्थिति संभालते हुए उन्हें निजी वाहन से लखनऊ भेज दिया. लखनऊ पहुंचकर अलंकार ने कहा कि बरेली में कोई ऐसा घटना नहीं हुई जिसके कारण उन्हें हटाया जाए.
शाम करीब साढ़े 7 बजे अलंकार ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह इशारा किया कि उनको जबरन भेजा गया है. उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप पर यह लिखा कि अनऑफिशियल जिला बदर, जल्द फिर मिलेंगे. इसके साथ ही फेसबुक पोस्ट के जरिए शासन प्रशासन को चेताया भी. उन्होंने लिखा- ‘कहां-कहां आप मुझको जिला बदर करोगे.. जहां जाएंगे कारवां बढ़ता जाएगा.’ हैशटैग यूजीसी रोलबैक लगाया.
आज जाएंगे कहां-कहां?
आज अलंकार अग्निहोत्री यूजीसी के खिलाफ अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे. वह इसके लिए एटा और हाथरस जाएंगे. अगले सप्ताह वापस बरेली आ सकते हैं. लखनऊ आवास पर कड़ी सुरक्षा की गई है.
कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री?
अलंकार अग्निहोत्री, जो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं. मूल रूप से कानपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने आईआईटी बीएचयू से बीटेक किया और विभिन्न जिलों में एसडीएम के पद पर काम किया. इसमें लखनऊ, उन्नाव और बलरामपुर शामिल हैं. मामला तब शुरू हुआ जब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर उन्होंने बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से अचानक इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे की वजह बताई गई नए यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन) नियमों से असहमति, जिन्हें उन्होंने सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ बताया. साथ ही प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार भी रहा.

