उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पैथोलॉजी संचालक, शराब कारोबारी मानवेंद्र की हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पीठ और पेट पर 8 इंच गहरे दो घाव मिले हैं. आरोपी बेटे अक्षत ने शव को और टुकड़ों में काटने की कोशिश की थी. रीढ़ की हड्डी काटने में अक्षत सफल नहीं हो पाया था. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अक्षत शव से कमरे में फैल रही दुर्गंध दूर करने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कर रहा था.
मानवेंद्र की पत्नी ने की थी खुदकुशी! इसके अलावा लोगों को गुमराह करने के लिए वह पड़ोसियों और पुलिस को बताया था कि पिता लापता हो गए हैं. यहां तक की पिता को खोजने के लिए अक्षत ने पापा लौट आओ नाम से व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया था. अक्षत अपने पापा को तलाश करने का नाटक कर रहा था. इसके अलावा हत्या के वक्त दीवार पर आए छींटों को छिपाने के लिए अक्षत ने पेंट कर दिया था. वहीं जानकारी यह भी मिल रही है कि मृतक मानवेंद्र की पत्नी ने साल 2017 में खुदकुसी कर ली थी. चर्चा यह भी है कि मानवेंद्र के किसी दूसरी महिला से नजदीकी थी.
23 फरवरी को मिली लापता मानवेंद्र की लाश बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना इलाके में कथित तौर पर एक युवक ने गुस्से में आकर अपने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी और घटना को छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर दिए। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी थी. मध्य क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रांत वीर ने सोमवार को बताया कि मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह (50) के रूप में हुई, जिनकी हत्या उनके बेटे अक्षत सिंह (19) ने की थी.
हत्या को छिपाने के लिए पिता की लाश के किए कई टुकड़े विक्रांत वीर ने बताया कि आशियाना पुलिस थाना में दर्ज मानवेंद्र सिंह के लापता होने के मामले की जांच के तहत पुलिस ने अक्षत प्रताप सिंह से गहन पूछताछ की. उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान, आरोपी ने स्वीकार किया कि 20 फरवरी को लगभग सुबह 4:30 बजे पिता और पुत्र के बीच किसी बात पर विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने अपने पिता को गोली मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई. पुलिस के मुताबिक घटना के बाद, सबूत छिपाने के लिए, आरोपी ने मृतक के शरीर को तीसरी मंजिल से नीचे लाकर भूतल के एक खाली कमरे में रख दिया. ऐसा आरोप है कि शरीर के अंगों को काटकर फेंक दिया गया और शेष धड़ को एक ड्रम में छिपा दिया गया.

