फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले का शेखपुर स्थान अपने लड्डुओं के लिए काफी मशहूर माना जाता है. यहां का बना हुआ लड्डू भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान, सऊदी अरब, नेपाल, श्रीलंका और ब्रिटेन तक जाता है. फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज विकासखंड के शेखपुर दरगाह में हर साल लगने वाले मेले में देश और विदेश से लाखों लोग पहुंचते हैं. इस मौके पर मेले की तैयारी के लिए जिले भर में हजारों कारीगर स्पेशल लड्डू बनाने में जुटे हुए हैं. शेखपुर गांव के निकट मौजूद कस्बा कमालगंज में मिठाई की दुकानों पर विभिन्न क्वालिटी के लडडू बनाए जा रहे हैं.इस लड्डू को अलग तरीके से तैयार किया जाता है जो इसके स्वाद को बढ़ाता है. देश के कई शहरों के लोग इसको ऑर्डर देकर मंगवाते हैं. विदेशी में भी इस लड्डू के मुरीद हैं. जो भी एक बार इस लड्डू का स्वाद चख लेता है वह हर बार इसे खाने के लिए आतुर दिखता है. तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में करोड़ों रुपये के लड्डू का कारोबार होता है.कई क्वालिटी के लड्डू होते हैं तैयारसोनू मिष्ठान भंडार कमालगंज के संचालक सोनू गुप्ता ने बताया कि इस लड्डू को तैयार करने के लिए काफी लागत लगानी पड़ती है. इसमें कई क्वॉलिटी के लड्डू तैयार किए जाते हैं. बेसन और मेवा के साथ ही देसी घी से ये लड्डू को बनते हैं. आमतौर पर यहां पर इन लड्डू को 150 रुपये से 300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से क्वालिटी के अनुसार बेचा जाता है.कैसे बनते हैं ये लड्डूदुकानदार के अनुसार इस लड्डू को तैयार करने के लिए एक बड़ी कड़ाही का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें घी गर्म करके पहले से तैयार किए गए बेसन और चावल के मिश्रण को एक महीन साइज की चलनी पर रखकर दबाया जाता हैं. जिससे बूंदी का आकार लंबा हो जाता हैं. जिसे सेव की बूंदी कहा जाता है. इसके बाद पहले से तैयार की गई चीनी मिश्रित चाशनी में इन बूंदी को डाल दिया जाता है. जब यह बूंदी चाशनी से भर जाती है तो ठंडा करके इसे गोल लड्डू के आकार में तैयार कर लिया जाता है. मेवा के रूप में इस लड्डू को गरी, काजू और बादाम से सजाया जाता है.FIRST PUBLISHED : December 7, 2024, 21:19 IST
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