Last Updated:June 25, 2025, 15:20 ISTAgriculture News: फर्रुखाबाद में अरबी की खेती को प्राथमिकता दी जा रही है, जो कम लागत, कम मेहनत और अधिक लाभ देती है. एक बीघा में 15 हजार की लागत से 4-5 क्विंटल उपज होती है, जिससे लाखों की आमदनी होती है. आइए जानते है पूरा प्रोसेस….. फर्रुखाबाद जैसे जिले में अब पारंपरिक फसलों की जगह ऐसे विकल्पों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो कम लागत, कम मेहनत और अधिक लाभ दे सकें. इन्हीं में से एक है अरबी की फसल (घुइयां), जो न केवल स्वाद और सेहत के लिहाज से फायदेमंद है, बल्कि किसानों के लिए भी अच्छी कमाई का जरिया बन चुकी है. अरबी की फसल मुख्य रूप से जमीन के नीचे उगती है. किसानों का कहना है कि एक बीघा खेत में इसकी बुवाई पर लगभग 15 हजार रुपये की लागत आती है. लेकिन यह फसल 90 से 120 दिनों में तैयार हो जाती है और प्रति बीघा 4 से 5 क्विंटल तक की उपज देती है. बाजार में अरबी की कीमत ₹40 से ₹80 प्रति किलो तक जाती है, जिससे किसान लाखों की आमदनी कर रहे हैं. लोकल18 से बातचीत में फर्रुखाबाद के किसान रामनाथ बताते हैं कि वे अपनी उम्र को देखते हुए ऐसी फसल करना बेहतर मानते हैं, जिसमें ज्यादा मेहनत न हो. अरबी की खेती में न ज्यादा निराई-गुड़ाई करनी होती है, न ही रोज खेत में जाने की जरूरत. इसलिए यह खासतौर पर बुजुर्ग किसानों के लिए मुफीद साबित हो रही है. जहां दूसरी फसलें छुट्टा पशुओं के हमलों से प्रभावित होती हैं, वहीं अरबी की फसल सुरक्षित मानी जाती है. चूंकि अरबी जमीन के नीचे होती है और इसके पत्तों को जानवर पसंद नहीं करते, इसलिए मवेशी इससे दूर रहते हैं और फसल बर्बाद नहीं होती. निशान नगला के किसान बताते हैं कि अरबी की फसल काटने के बाद जो पौधे बचते हैं, उन्हें खेत में इकट्ठा करके जैविक खाद बनाई जाती है. इस खाद का इस्तेमाल दूसरी फसलों में किया जाता है, जिससे पैदावार में वृद्धि होती है. यानी एक ही फसल से दोगुनी कमाई का रास्ता बन जाता है. अरबी (घुइयां) केवल आमदनी का साधन ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसमें प्रोटीन, विटामिन A, C, कैल्शियम, आयरन, फाइबर, और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. साथ ही, सोडियम और पोटेशियम की अच्छी मात्रा इसे और भी फायदेमंद बनाती है. यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ ही पाचन और शारीरिक विकास में भी मददगार है. 1) अरबी की सफल खेती के लिए ऐसी भूमि का चयन जरूरी है जहां जल निकासी की व्यवस्था अच्छी हो.2) इसके बाद उत्तम गुणवत्ता के बीजों की बुवाई की जाती है.3) फसल के दौरान नियमित निराई और सिंचाई की जाती है.4) लगभग 4 महीने बाद, जब फसल तैयार हो जाती है, तो उसे निकालकर सफाई कर मंडी में बिक्री के लिए भेजा जाता है.homeagricultureATM से भी तेज है ये सब्जी, खेती करो और 120 दिन में गिनो लाखों, जानें तरीका
Panama Canal Sees Spike in Vessel Traffic Due to West Asia War
PANAMA CITY: The Panama Canal Authority, an autonomous agency that runs the major freight channel through Central America,…

