IND vs ENG 5th Test: किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि 374 रन का टारगेट देकर भी भारत ओवल टेस्ट में हार की कगार पर पहुंच जाएगा. इंग्लैंड की दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों ने 25 दिन की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है. भारत ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 374 रनों का टारगेट रखा था. तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि इंग्लैंड की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 76.2 ओवर में 6 विकेट गंवाकर 339 रन बना लेगी. इंग्लैंड जीत से 35 रन ही दूर है. बता दें कि टीम इंडिया को सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म करने के लिए हर हाल में ओवल टेस्ट अपने नाम करना होगा. हालांकि अब भारत के लिए यह टेस्ट मैच जीतना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा. ओवल टेस्ट में भारत ने 5 बड़ी गलतियां की है, जिससे अब वह मैच और सीरीज हारने की कगार पर पहुंच चुका है. आइए एक नजर डालते हैं भारत की 5 बड़ी गलतियों पर-
1. मोहम्मद सिराज ने हैरी ब्रूक को दिया जीवनदान
इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान 35वें ओवर में मोहम्मद सिराज ने खतरनाक अंग्रेज बल्लेबाज हैरी ब्रूक को जीवनदान दे दिया. हैरी ब्रूक तब 19 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे. 35वें ओवर में प्रसिद्ध कृष्णा की पहली ही गेंद पर मोहम्मद सिराज ने डीप में हैरी ब्रूक का कैच लेने की कोशिश की, लेकिन कैच लेते समय मोहम्मद सिराज का पैर बाउंड्री लाइन से टच कर गया. हैरी ब्रूक इस तरह आउट होने से भी बच गए और उन्हें 6 रन भी मिले. हैरी ब्रूक ने जीवनदान का फायदा उठाया और अपना 10वां टेस्ट शतक जड़ा. हैरी ब्रूक ने 98 गेंद पर 111 रन की पारी खेली.
2. प्रसिद्ध कृष्णा ने 1 ओवर में लुटाए 16 रन
इंग्लैंड की दूसरी पारी में प्रसिद्ध कृष्णा ने 35वें ओवर में 16 रन लुटा दिए. यह इस टेस्ट मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ है. यहीं से ही इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने लय पकड़ी और अब भारत मैच के साथ-साथ सीरीज हारने की दहलीज पर खड़ा है. एक वक्त पर भारत इस टेस्ट मैच को जीतने का प्रबल दावेदार था, लेकिन हैरी ब्रूक और जो रूट के शतकों ने पासा ही पलट दिया है. हैरी ब्रूक ने 98 गेंद पर 111 रन की पारी खेली. जो रूट 152 गेंद में 105 रन बनाकर आउट हुए.
3. शुभमन गिल का अपने स्पिनरों पर भरोसा नहीं होना
ओवल टेस्ट में शुभमन गिल ने अपने तेज गेंदबाजों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया और उसके चलते उन्होंने अपने स्पिनरों को गेंदबाजी के कम मौके दिए. इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान जब बाजी हाथ से निकल चुकी थी, तब वॉशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा को कप्तान शुभमन गिल ने ओवर फेंकने के मौके दिए. इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान वॉशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा ने 4-4 ओवर डाले और उन्हें एक भी विकेट नसीब नहीं हुआ. वॉशिंगटन सुंदर और रवींद्र जडेजा को बॉलिंग अटैक पर जल्दी लाया जाता तो शायद हैरी ब्रूक और जो रूट बहुत पहले ही आउट हो जाते.
4. दूसरी पारी में 123 रन पर गंवाए 4 विकेट
भारत ने अपनी दूसरी पारी के दौरान अपने आखिरी 4 विकेट महज 123 रन के अंदर ही गंवा दिए. एक वक्त पर भारत का स्कोर 273 रन पर 6 विकेट था. रवींद्र जडेजा और ध्रुव जुरेल उस दौरान क्रीज पर मौजूद थे. इसके बाद ध्रुव जुरेल 34 रन और रवींद्र जडेजा 53 रन बनाकर आउट हुए. यहीं से भारत का लोअर ऑर्डर थोड़ा लड़खड़ा गया. वॉशिंगटन सुंदर ने इसके बाद भारत की बढ़त को 373 रन तक पहुंचाया और इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रनों का टारगेट मिला. रवींद्र जडेजा और ध्रुव जुरेल ने सातवें विकेट के लिए 50 रन जोड़े थे. अगर ये दोनों ही क्रिकेटर थोड़े और रन बनाते तो इंग्लैंड के सामने भारत 400 से ज्यादा रन का टारगेट रख सकता था.
5. हैरी ब्रूक और जो रूट को तेजी से रन बनाने देना
हैरी ब्रूक और जो रूट को तेजी से रन बनाने देना भारत की सबसे बड़ी गलती थी. चौथे दिन की शुरुआत इंग्लैंड ने 1 विकेट के नुकसान पर 50 रन से की थी. पहले सेशन में इंग्लैंड ने बेन डकेट (54) और ओली पोप (27) का विकेट जल्दी-जल्दी गंवाया. इसके बाद जो रूट (105) और हैरी ब्रूक (111) ने चौथे विकेट के लिए 195 रन की साझेदारी कर अपनी टीम की स्थिति मजबूत कर दी. हैरी ब्रूक और जो रूट ने तेजी से रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी.
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