दुनिया भर में मोटापा एक गंभीर समस्या बन चुका है. हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और डायबिटीज जैसी बीमारियों के पीछे सबसे बड़ा कारण मोटापा ही है. लेकिन इस ग्लोबल संकट के बीच फ्रांस एक ऐसा देश है, जो चौंकाने वाला अपवाद बनकर सामने आया है. जहां विकसित देशों में मोटापे की दरें लगातार बढ़ रही हैं, वहीं फ्रांस में यह दर सबसे कम है. हैरानी की बात ये है कि फ्रेंच लोग चीज, वाइन, बटर और क्रीमी सॉस जैसी हाई कैलोरी चीजें खूब खाते हैं, फिर भी उनका वजन नहीं बढ़ता.
तो क्या है फ्रेंच स्टाइल ऑफ हेल्दी लिविंग का राज? इसके पीछे है उनकी सोच, लाइफस्टाइल और खानपान के प्रति उनका व्यवहार. फ्रेंच लोग खाने को सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि एक अनुभव मानते हैं- जिसमें स्वाद के साथ बैलेंस शामिल है.
मोटापे से जंग में फ्रांस की 5 खास आदतें
1. छोटे पोर्शन: फ्रांस में खाने की प्लेटें छोटी होती हैं और भोजन धीरे-धीरे चखकर खाया जाता है. वहां ओवरईटिंग की आदत कम है और लोग लगभग पेट भर जाने पर खाना छोड़ देते हैं.
2. स्नैक्स को ना: फ्रेंच लोग खाने के बीच स्नैक्स कम लेते हैं. बच्चों को भी यह सिखाया जाता है कि बिना वजह फ्रिज न खोलें. अगर स्नैक लेना भी हो, तो वह हेल्दी चीजों जैसे फल या दही तक सीमित रहता है.
3. ताजा खाना: फ्रेंच किचन में ताजगी बसती है. प्रोसेस्ड और फास्ट फूड को वहां ‘असली खाने’ की जगह नहीं मिली है. घर का बना खाना उनकी डेली लाइफ का हिस्सा है.
4. वॉकिंग: फ्रांस में पैदल चलना आम बात है. ऑफिस, बाजार या स्कूल- लोग गाड़ी की बजाय चलना पसंद करते हैं. यही एक्टिवनेस उन्हें फिट बनाती है.
5. सरकार सख्त: सरकार ने स्कूलों में वेंडिंग मशीन पर बैन, मीठे ड्रिंक्स पर टैक्स और बच्चों को टारगेट करने वाले फूड ऐड्स पर रोक लगाई है.
हम सबको फ्रांस से क्या सीखना चाहिए:खाना कम लेकिन ध्यान से खाएं, बच्चों को हेल्दी आदतें सिखाएं, स्नैक्स को कम करें और शारीरिक गतिविधि को जीवन का हिस्सा बनाएं. तभी मोटापे की यह ग्लोबल जंग जीती जा सकती है.
Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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