Last Updated:June 13, 2025, 22:38 ISTMaize cultivation: मक्का एक ऐसी फसल है, जो किसानों को कम लागत में अधिक मुनाफा दे सकती है. यह फसल साल में दो बार बोई जा सकती है. मक्का की खेती किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. मक्के की मांग पूरे देश में रहती है. किसान इस मांग का लाभ उठाकर अच्छी आमदनी कर सकते हैं. मक्का ऐसी बहुउपयोगी फसल है, जिसका इस्तेमाल मोटे अनाज के अलावा पशु आहार तक में होता है. कई उद्योगों में भी मक्के का यूज किया जाता है. बाराबंकी के किसान योगेंद्र कुमार को हाइब्रिड मक्के की खेती में लागत के हिसाब से अच्छा मुनाफा मिल रहा है. वे कई साल से हाइब्रिड मक्का उगा रहे हैं. राजौरी गांव के रहने वाले किसान योगेंद्र आज करीब 4 बीघे में मक्के की खेती कर रहे हैं. इस खेती से उन्हें एक फसल पर 80 से 90 हजार रुपये मुनाफा हो रहा है. लोकल 18 से बातचीत में योगेंद्र बताते हैं कि वैसे तो हम मेंथा, हरी मिर्च और आलू आदि की खेती करते हैं. इसके साथ बीते दो साल से मक्के की खेती करने लगे हैं, जिसमें हमें अच्छा लाभ देखने को मिला. देसी मक्के की तुलना में हाइब्रिड मक्के की अधिक पैदावार होती है. इसकी बाजारों में काफी डिमांड भी रहती है. मक्के की खेती साल में दो बार की जाती है. एक गर्मी, दूसरी बरसात. हम लोग ज्यादातर गर्मी के सीजन में इसकी खेती करते हैं क्योंकि इस सीजन में ये अच्छे रेट में बिकता है. इस समय हमारा भुट्टा 5 से 6 रुपये प्रति पीस में बिक रहा है. मंडियों में 35 से 40 रुपये किलो बिकता है. इस खेती में एक बीघे की लागत 4 से 5 हजार रुपये आती है. मुनाफा एक 80 से 90 हजार रुपये तक हो जाता है. किसान योगेंद्र बताते हैं कि मक्के की खेती करना बहुत ही आसान है. पहले खेत की जुताई की जाती है. उसके बाद खेत में मक्के के बीज की बुआई करते हैं. जब पौधा निकल आता है, तब इसकी सिंचाई की जाती है. बुवाई के बाद 80 से 90 दिनों में फसल निकलना शुरू हो जाती है, जिसे तोड़कर बाजार में बेचा जा सकता है.homeagricultureनोट छापने की मशीन है ये फसल, लागत से चार गुना ज्यादा होगा मुनाफा
Fertiliser Output Steady Despite West Asia Crisis; Govt Secures 37 Lac Ton Urea Imports for Kharif
New Delhi: The government on Thursday said domestic urea production has reached 37.49 lakh tonnes in March-April, nearly…

