जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बिजली सप्लाई की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा काम किया जा रहा है। इसके लिए चार विशेष पावर लाइनें तैयार की जा रही हैं, जिनमें से दो लाइनों का काम पूरा हो चुका है। इन दोनों लाइनों के जरिए एयरपोर्ट को फिलहाल करीब 27 मेगावाट बिजली दी जा रही है।
इन दोनों लाइनों को सेक्टर-18 और सेक्टर-32 बिजली घर से जोड़ा गया है, जो डबल सर्किट प्रणाली पर आधारित हैं। इससे एक लाइन मेन सप्लाई के लिए और दूसरी बैकअप के रूप में काम करती है। इससे किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
अधिकारियों के अनुसार दो और एक्सट्रा लाइनें बनाई जा रही हैं, ताकि भविष्य में एयरपोर्ट के विस्तार और बढ़ती जरूरतों के हिसाब से पर्याप्त बैकअप बना रहे। यमुना अथॉरिटी ने अपने क्षेत्र में करीब 1,000 मेगावाट क्षमता का बिजली ढांचा बना लिया है।
सेक्टर-18, 24 और 32 में 220 केवी के तीन सबस्टेशन तैयार हो चुके हैं। वहीं सेक्टर-10 और 28 में भी 220 केवी सबस्टेशन निर्माण प्रक्रिया में हैं। इसके अलावा सेक्टर-28 में 400 केवी का हाई कैपेसिटी सबस्टेशन प्रस्तावित है, जो एयरपोर्ट और यमुना सिटी की भविष्य की जरूरतों को पूरा करेगा।
क्षेत्रीय ग्रिड को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPTCL) द्वारा लाइनें और बिजलीघर बनाए गए हैं। इस एरिया की आगे की जरूरतों को देखते हुए जहांगीरपुर में 765 केवी का पावर स्टेशन भी बनाया गया है, जिससे बड़े औद्योगिक और शहरी विस्तार को ऊर्जा आपूर्ति मिल सकेगी।

