India vs Austrlia 1st Test: भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच घमासान का इंतजार खत्म हो चुका है. आज से तीसरे दिन दोनों टीमें पर्थ में एक-दूसरे को टक्कर देंगी. लेकिन इससे पहले टीम इंडिया में चोटिल खिलाड़ियों की फौज तैयार हो चुकी है. ऐसे में फैंस को अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा जैसे दिग्गज याद आ रहे हैं. लेकिन एक बल्लेबाज है जो अजिंक्य रहाणे की कमी को खलने नहीं देगा. हम बात करने जा रहे हैं 23 साल के ध्रुव जुरेल की, एक तरफ टीम इंडिया के धुरंधर ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर संघर्ष करते नजर आ रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ जुरेल की बेबाक अंदाज में बैटिंग सभी को अपना दीवाना बना रही है.
इंग्लैंड सीरीज में साबित हुआ ‘बाजीगर’
ध्रुव जुरेल वो खिलाड़ी है जिसने भारत-इंग्लैंड सीरीज में अपनी बैटिंग से सभी को अपना दीवाना बना लिया. जुरेल का बल्ला तब चला जब रोहित, गिल फ्लॉप रहे और कोहली टीम का हिस्सा नहीं थे. इंग्लैंड टीम जीत की दहलीज पर थी, लेकिन फिरंगियों को क्या पता था कि 23 साल का बल्लेबाज मैच की काया पलट देगा. जुरेल ने दमदार पारियां खेल इंग्लिश टीम में अपनी दहशत पैदा कर दी. नतीजा आज ये है कि जुरेल दिग्गज अजिंक्य रहाणे की जगह भरने को तैयार हैं.
इंडिया ए के खिलाफ की रनों की बारिश
ध्रुव जुरेल को बॉर्डर गावस्टर सीरीज में गोल्डन चांस मिला है. उन्हें इस सीरीज की तैयारियों के लिए केएल राहुल के साथ पहले ही ऑस्ट्रेलिया भेज दिया गया था. इंडिया ए की तरफ से खेलते हुए जुरेल ने धमाकेदार बैटिंग की. दो मैच जुरेल की बैटिंग देखने के बाद लगा कि वे ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों के लिए टेंशन फ्री हैं. जुरेल ने 80 और 68 रनों की पारियां खेली और पिचों का प्रभाव उनपर शून्य नजर आया. उनकी बैटिंग से टीम इंडिया की टेंशन काफी हद तक दूर हो जाती है. कई दिग्गजों ने उनकी तारीफों के पुल बांध दिए.
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140 ओवर बैटिंग प्रैक्टिस
ध्रुव जुरेल की कहानी टीम इंडिया से आने पहले संघर्षभरी रही है. हालांकि, माता-पिता से फुल सपोर्ट मिला. पिता ने उन्हें 2,000 रुपये का बल्ला खरीदने के लिए कर्ज लिया और उनकी मां ने एक किट खरीदने के लिए अपना एकमात्र सोने का हार गिरवी रख दिया. जुरेल के कोच फूल चंद ने बताया कि जुरेल को लगातार गेंदबाजी करने से उनके कंधे और कोहनी में दर्द होने लगा था. राजस्थान रॉयल्स अकादमी में, इंग्लैंड सीरीज़ की तैयारी के दौरान वह एक दिन में 140 ओवर बल्लेबाजी करते थे.
अजिंक्य रहाणे की आती है याद
ध्रुव जुरेल की बैटिंग स्टाइल से कई दिग्गज प्रभावित हुए. उनके पास एक किफायती ट्रिगर मूवमेंट है, एक आधा फ्रंट-फुट प्रेस और एक छोटा बैक-फुट शफल गेंदबाज को बैकफुट पर ढकेलने के लिए काफी है. कॉम्पैक्टनेस अपने चरम पर अजिंक्य रहाणे की याद दिलाती है. उन्होंने मार्क वुड जैसे तेज गेंदबाज को अपनी बैटिंग से काफी परेशान किया. अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में जुरेल की बेहतरीन बैटिंग जारी रहती है तो उनके करियर की काया पूरी तरह से पलट जाएगी.
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