Uttar Pradesh

New Year: साल 2023 में लगेंगे 3 ग्रहण, जानिए भारत पर क्या पड़ेगा असर?



अभिषेक जायसवालवाराणसी. साल 2023 की शुरुआत होने वाली है.नए साल का स्वागत देशभर में जश्न के साथ होगा. नई उम्मीदों वाले नए साल में कुल तीन ग्रहण लगेंगे, जिसमें दो सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण शामिल है. हालांकि इन दोनों सूर्य ग्रहण का भारत में कोई असर नहीं होगा क्योंकि ये ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा. 28 अक्टूबर को लगने वाला चंद्र ग्रहण ही सिर्फ भारत में देखने को मिलेगा. काशी के विद्वान और ज्योतिषविद पण्डित संजय उपाध्याय के मुताबिक नए साल में लगने वाला ग्रहण भारत के लिए शुभकारी होगा.ऋषिकेश पंचांग के अनुसार साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को लगेगा. ग्रहण का समय सुबह 7 बजकर 5 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगा. ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा लिहाजा सूतक काल भी नहीं मान्य होगा.नहीं लगेगा सूतकइसके अलावा दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर को लगेगा. ये ग्रहण भी भारत में नहीं दिखेगा. रात में 8 बजकर 34 मिनट से ग्रहण शुरू होगा जो रात 2 बजकर 25 मिनट पर खत्म होगा. ये ग्रहण उत्तरी अमेरिका, मध्य अमेरिका के अलावा उत्तरी अफ्रीका और प्रशांत महासागर में दिखाई देगा.भारत में दिखेगा ग्रहणसाल 2023 के आखरी चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर को लगेगा. ये चन्द्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा. रात करीब 1 बजकर 10 मिनट पर इसकी शुरुआत होगी और 2 बजकर 28 मिनट ग्रहण समाप्त होगा. ग्रहण का सूतक काल शाम 5 बजे लगेगा.ऐसा रहेगा सालवाराणसी के ज्योतिषी पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि ये वर्ष भारत के लिए बेहद शुभ होगा. इसके अलावा ग्रहों के चाल बता रहे हैं कि कोरोना का असर भी भारत पर नहीं पड़ेगा. भारत आर्थिक रूप से मजबूत रहेगा. हालांकि राजनीति में उथल पुथल मची रहेगी.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : December 30, 2022, 19:14 IST



Source link

You Missed

Zelenskyy offers drone defense to Gulf allies as Ukraine seeks more missiles
WorldnewsMar 29, 2026

ज़ेलेंस्की गुल्फ सहयोगियों को ड्रोन रक्षा प्रदान करते हैं क्योंकि यूक्रेन अधिक मिसाइलों की तलाश में है

नई दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने मिस्र के मध्य पूर्वी सहयोगी देशों को अपने एंटी-ड्रोन प्रणाली…

Scroll to Top