National Hugging Day 2024 many health benefits you can have if you get minimum 4 hug every day | सिर्फ Hug Day पर एक बार गले मिलना काफी नहीं, जिंदगी टेंशन फ्री रखना है तो रोज करना होगा इतने बार हग

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National Hugging Day 2024 many health benefits you can have if you get minimum 4 hug every day | सिर्फ Hug Day पर एक बार गले मिलना काफी नहीं, जिंदगी टेंशन फ्री रखना है तो रोज करना होगा इतने बार हग



आमतौर पर हम सब सिर्फ तब गले मिलते हैं जब हम बहुत एक्साइटेड होते हैं या फिर हैप्पी और सेड होते हैं. इसमें कोई दोराय नहीं कि हग बहुत कंफर्टिंग होता है. अपने सबसे करीबी व्यक्ति से गले लगना दुनिया का सबसे अच्छा अहसास होता है.
मेडिकल साइंस के अनुसार, ऐसा हग के दौरान बॉडी में होने वाले कई तरह के केमिकल रिएक्शन के कारण होता है. जिसका प्रभाव हमारे पूरे हेल्थ पर भी पड़ता है. हालांकि इसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं. यदि आप भी इसमें शामिल हैं तो यह लेख आपके लिए है. यहां आप फायदो से लेकर कितनी बार और कितनी देर तक हग करना चाहिए इसकी पूरी जानकारी ले सकते हैं.
 
दिन में कितनी बार गले लगाना है चाहिए
मदर ऑफ फैमिली थेरेपी के नाम से जानी जाने वाली वर्जीनिया सैटिर ने एक बार कहा था, हमें जिंदा रहने के लिए दिन में 4 हग, हेल्थ मेंटेनेंस के लिए 8 हग और बेहतर ग्रोथ के लिए 12 हग की जरूरत होती है. हालांकि मॉडर्न साइंस इसका कोई सटीक जवाब नहीं खोज पाया है कि दिन में एक शख्स को कितने हग जरूरत होती है. लेकिन गले लगने के फायदों की पुष्टि कई सारे स्टडी में हुई है. ऐसे में जितना ज्यादा हो सके उतनी बार अपने करीबी लोगों को हग करें.
इतनी देर हग करने से होगा फायदा
लंदन के मनोवैज्ञानिकों का दावा है कि सेहतमंद फायदों के लिए 5 से 10 सेकंड तक गले लगाना जरूरी होता है. वहीं, गोल्डस्मिथ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, ज्यादा देर तक हग करना क्विक हग (जो एक सेकेंड से भी कम का होता है) की तुलना में तुरंत आनंद देता है. इसके साथ ही 20 सेकेंड के हग को बहुत ही फायदेमंद बताया गया है.
20 सेकेंड तक हग करने का ये होगा बॉडी पर असर 
अपने सबसे करीबी व्यक्ति को 20 सेकंड तक गले लगाने से आप तनाव के हानिकारक प्रभावों को कम कर सकते हैं. इसके अलावा ब्लड प्रेशर, और हार्ट हेल्थ भी नॉर्मल होता है. 20 सेकंड का हग यदि आप दिन में ज्यादा बार करते हैं, तो कोर्टिसोल, क्रेविंग में कमी के साथ रिकवरी तेजी होती है और इम्यूनिटी बूस्ट होता है.



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