Uttar Pradesh

मुस्लिम कर्मचारी वाले विवाद पर लुलु मॉल की सफाई, कहा- हमारे 80 फीसदी स्टाफ हैं हिंदू



रिपोर्ट: मोहम्मद शबाब 
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले दिनों खुले लुलु मॉल परिसर के अंदर नमाज पढ़ने के मामले को लेकर विवाद के बीच मॉल प्रशासन ने सफाई दी है. केवल मुस्लिमों को ही नौकरी देने के आरोप पर सफाई देते हुए लुलु मॉल प्रशासन ने एक बयान में कहा है कि उसके 80 प्रतिशत कर्मचारी हिंदू हैं. मॉल प्रशासन की ओर से यह स्पष्टीकरण उन आरोपों के बाद आया है, जिसमें कहा गया कि मॉल अपनी रोजगार नीति में पक्षपाती है और मुसलमानों को तरजीह देता है. लुलु मॉल के क्षेत्रीय निदेशक जयकुमार गंगाधर ने बयान जारी कर कहा कि प्रतिष्ठान में किसी को भी धार्मिक गतिविधि संचालित करने की छूट नहीं है.
लुलु मॉल लखनऊ प्रशासन ने मुस्लिम पूर्वाग्रह के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से प्रोफेशनल प्रतिष्ठान है, जो बिना किसी भेदभाव के व्यापार करता है. बयान में कहा गया कि हमारे कर्मचारियों को कौशल और योग्यता के आधार पर काम पर रखा जाता है, न कि जाति, वर्ग या धर्म के आधार पर. बता दें कि मॉल की मूल कंपनी लुलु ग्रुप इंटरनेशनल का मुख्यालय अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात में है.
बयान में कहा गया कि यह दुखद है कि कुछ स्वार्थी तत्व हमारे प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं. बयान में आगे स्पष्ट किया गया है कि उनके कर्मचारियों में 80 प्रतिशत हिंदू हैं और बाकी मुस्लिम, ईसाई और विभिन्न अन्य समुदायों से हैं. बयान में कहा गया है कि मॉल प्रशासन ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई है और उन लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की, जिन्होंने पब्लिक प्लेस में नमाज पढ़ी.
पुलिस ने कहा कि दो लोगों को हाल ही में शनिवार को लुलु मॉल में प्रवेश करने और हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद गिरफ्तार किया गया था. शॉपिंग मॉल में घुसने की कोशिश के दौरान हंगामा करने पर कम से कम 15 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया. मॉल के एक प्रतिनिधि की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें यह दावा किया गया कि वीडियो में नमाज पढ़ते दिखने वाले लोग उनके स्टाफ के सदस्य नहीं हैं. सोशल मीडिया पर मॉल में नमाज अदा करने वालों के एक समूह का वीडियो सामने आने के बाद हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था.
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) गोपाल कृष्ण चौधरी बताया था कि तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर किया गया कार्य) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है. मॉल प्रशासन ने शुक्रवार को पूरे परिसर में इस बात का नोटिस लगा दिया कि मॉल में किसी भी तरह के धार्मिक प्रार्थना की अनुमति नहीं होगी.

गौरतलब है कि कि लखनऊ के लुलु मॉल को यूपी का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल कहा जा रहा है. जब से इस मॉल की शुरुआत हुई, तब से ही यह लुलु मॉल चर्चा में है. बता दें कि अबू धाबी मुख्यालय स्थित लुलु समूह की एक शाखा लखनऊ के शहीद पथ पर शुरू की गई जिसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था. लुलु समूह का नेतृत्व भारतीय मूल के कारोबारी युसूफ अली एमए करते हैं.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी | आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी |Tags: Lucknow news, Uttar pradesh newsFIRST PUBLISHED : July 19, 2022, 09:22 IST



Source link

You Missed

YSRC MLC Questions Coalition on English-Medium Education, Criticises Government on School Infrastructure
Top StoriesMay 7, 2026

वाईएसआरसी एमएलसी ने अंग्रेजी-माध्यम शिक्षा पर गठबंधन से प्रश्न उठाए, सरकार पर स्कूल बुनियादी ढांचे पर आलोचना की

नेल्लोर: वाईएसआरसी के एमएलसी पार्वतीरेड्डी चंद्रशेखर रेड्डी ने बुधवार को गठबंधन के नेताओं से सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी-माध्यम…

Scroll to Top