मुरादाबाद। किसान अब गन्ने की फसल के साथ सहफसली करके अपनी आमदनी दोगुना कर सकते हैं। कृषि विभाग की योजना के तहत मूंग और उड़द की मुफ्त मिनी किट प्रदान की जा रही है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो गई है, और इच्छुक किसान जल्द से जल्द आवेदन कर लाभ उठा सकते हैं।
इस योजना से गन्ने के साथ सहफसली कर किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकेंगे। खेती किसानी के क्षेत्र में किसान नई-नई तकनीक और नई-नई खेती का सहारा लेकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं, जो किसान गन्ने की खेती करता है, वह गन्ने के साथ-साथ कृषि विभाग की मदद से गन्ने की सहफसली खेती भी कर सकता है। जिसमें उसे अच्छा मुनाफा होगा।
गन्ने की सफसली में उड़द और मूंग का मुफ्त बीज दिया जा रहा है। जिससे किसान गन्ने के सहफसली करके अच्छा मुनाफा कमा सके। जिसकी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द से जल्द आवेदन कराकर मुफ्त में निकट प्राप्त कर लें।
कृषि उप निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि दलहनी फसलों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें गन्ने की फसल में दलहनी फसलों को अंत फसलों के रूप में लिए जाने का कार्यक्रम चल रहा है। जिसमें इस समय बसंत कालीन गन्ने के साथ-साथ दलहनी फसलों में मूंग और उड़द की फ्री मिनी किट की बुकिंग चल रही है। जिससे सहफसली को बढ़ावा मिल सके। जिसमें ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है।
1700 से अधिक का लक्ष्य है। सभी विकास खंडों को लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। शीघ्र ही ऑनलाइन आवेदन कर दें जिससे कि गन्ना के साथ सहफसली की खेती भी कर सकें।
ई-लॉटरी के माध्यम से दिए जाएंगे फ्री मिनी किट
यदि लक्ष्य से अधिक आवेदन आते हैं तो जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इसकी ई लॉटरी कराई जाएगी। जिसमें कृषकों का चयन करके उड़द और मूंग का निशुल्क वितरण किया जाएगा। जिसकी आवेदन प्रक्रिया चल रही है। जो भी इच्छुक किसान है वह जल्द से जल्द आवेदन कर दें, जिससे वह भी मूंग और उड़द की फ्री मिनी किट प्राप्त करके गन्ने के साथ सहफसली बोकर अच्छा मुनाफा कमा सकें।
किसान कमाते हैं अच्छा मुनाफा
किसान गन्ने की खेती के साथ-साथ सहफसली में उड़द और मूंग की खेती करेगा तो किसान को अच्छा मुनाफा निकल कर आएगा। गन्ने में तो वैसे भी अच्छा मुनाफा निकाल कर आता है। लेकिन, गन्ने के साथ वह उड़द और मूंग की खेती करेगा तो उसे गन्ने की फसल में दोगुना मुनाफा निकल कर आएगा और उसकी लागत भी बहुत कम लगेगी। एक फसल के साथ-साथ अन्य दो फैसले भी तैयार हो जाएंगे। जिससे किसान की आमदनी बढ़ जाएगी।

