Uttar Pradesh

मतदाता सूची में 5 करोड़ से ज्यादा संदिग्ध नाम! डुप्लीकेट हटाने का महाअभियान जारी

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियां निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। राज्यभर में विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है। इस प्रक्रिया में करोड़ों डुप्लीकेट और संदिग्ध प्रविष्टियों की पहचान की गई है, जिनकी जांच अभी जारी है।

राज्य स्तर पर मतदाता सूची का डिजिटल मिलान किया गया है, जिसमें नाम, पिता या पति का नाम, उम्र और अन्य विवरणों के आधार पर समान प्रविष्टियों को चिन्हित किया गया है। इस प्रारंभिक जांच में लगभग 5 करोड़ से अधिक संभावित दोहराव वाले नाम सामने आए हैं। इसके बाद प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से सत्यापन अभियान शुरू किया है।

पात्र मतदाता का नाम सुरक्षित

दूसरे चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारी मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क कर पहचान पत्र, आधार के अंतिम चार अंक और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज पाया जाता है, तो पूरी जांच के बाद एक प्रविष्टि को हटाया जाएगा। वहीं सही और पात्र मतदाता का नाम सुरक्षित रखा जाएगा।

अब तक बड़ी संख्या में प्रविष्टियों की जांच पूरी की जा चुकी है, लेकिन करीब 2.81 करोड़ नामों का सत्यापन अभी भी शेष है। बरेली जिले की अगर बात की जाए, तो लगभग 9.18 लाख डुप्लीकेट वोटर में से 5.19 लाख का सत्यापन अभी नहीं हुआ है। जबकि सत्यापन की आखिरी तारीख 20 फरवरी से बड़ाकर 16 मार्च सत्यापन की डेट को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने अभियान की गति तेज करने के निर्देश दिए हैं।

जिलों के स्तर पर समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और अधिकारियों को प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। पूरी प्रक्रिया समाप्त करना प्रशासन के लिए चुनौती

कुछ जिलों में सत्यापन कार्य तेजी से आगे बढ़ा है, जबकि कई स्थानों पर अभी भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। यही कारण है कि निर्धारित समय में पूरी प्रक्रिया समाप्त करना प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है। मतदाता सूची की शुद्धता किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आधारशिला होती है। डुप्लीकेट नाम हटाने से मतदान अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि शेष सत्यापन कार्य कितनी तेजी से पूरा होता है और अंतिम मतदाता सूची कितनी सटीक तैयार हो पाती है।

तेजी से चल रहा रिचेकिंग का कार्य

बरेली जिले के एडीएम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बरेली जिले में पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट की रिचेकिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 9.18 लाख डुप्लीकेट वोट पंचायती चुनाव में चिन्हित करने का काम किया गया है और लगभग 50% से अधिक डुप्लीकेट वोट का सत्यापन कर दिया गया है।

20 फरवरी से सत्यापन की तारीख को आगे बढ़ते हुए 16 मार्च 2026 तक अभियान को तेजी गति से चलने के निर्देश शासन के द्वारा दिए गए हैं। सभी एसडीओ को निर्देश दिए जा रहे हैं कि पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट के सत्यापन का काम 16 मार्च से पहले खत्म किया जाए और सभी डुप्लीकेट वोट्स को चिन्हित कर रिमूव किया जाए।

You Missed

authorimg
Uttar PradeshFeb 19, 2026

यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी, खाने-पीने में क्या-क्या सावधानियां बरतें? एक्सपर्ट की राय

सफर के दौरान खाने-पीने के लिए क्या खाएं और क्या ना खाएं? सुल्तानपुर: जब हम किसी यात्रा पर…

Democratisation of AI Is the Only Fair and Safe Path Forward: Sam Altman
Top StoriesFeb 19, 2026

एआई की लोकतांत्रिकरण ही एकमात्र न्यायपूर्ण और सुरक्षित रास्ता है: सैम अल्टमैन

नई दिल्ली: ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी और प्रमुख टेक उद्यमी सैम अल्टमैन ने गुरुवार को कहा कि आर्टिफिशियल…

authorimg
Uttar PradeshFeb 19, 2026

मतदाता सूची में 5 करोड़ से ज्यादा संदिग्ध नाम! डुप्लीकेट हटाने का महाअभियान जारी

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियां निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। राज्यभर में विशेष सत्यापन अभियान…

Scroll to Top