रांची में जन्मे क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के पास बेशुमार स्ट्रेंथ और बेजोड़ तकनीक है. धोने ने क्रिकेट की दुनिया में बहुत नाम कमाया है, जो बहुत ही कम और प्रभावशाली दोनों है. यह सब उन्होंने शरीर के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से गहरे जुड़े होने के कारण हासिल किया है. यह कहना जायज है कि देश के जान धोनी अपने फिटनेस लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने के बारे में एक या दो बातें जानते हैं. वह न केवल क्रिकेट में शारीरिक फिटनेस में सबसे आगे हैं, बल्कि उनके कुछ सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली एथलीटों के साथ भी कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है, भले ही उनका खेल कुछ भी हो. तो, माही खुद को फिट रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व क्या मानते हैं?
एक घंटे का फिटनेस मंत्र2015 के एक वीडियो में धोनी ने एक फिटनेस मंत्र शेयर किया जिसे वह चाहते थे कि सभी भारतीय अपने डेली लाइफस्टाइल में शामिल करें. उन्होंने कहा कि जहां कोई अपने पैरों को जलता हुआ महसूस करेगा, उनका दिल पंप कर रहा होगा और उनके फेफड़े बंद होने की भीख मांग रहे होंगे, लेकिन इसका हर मिनट उन्हें फिट होने की दिशा में एक कदम आगे ले जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि अगर आप अपनी जिंदगी बदलना चाहते हैं तो आपको सिर्फ एक घंटा खुद को देने की जरूरत है. इस एक घंटे की फिटनेस से आप दुनिया को यह साबित कर पाएंगे कि ऐसा कोई पहाड़ नहीं है जिस पर आप चढ़ नहीं सकते. आप अपने बाकी बचे घंटे में कुछ भी करें, लेकिन इस एक घंटे को अपने आप को दें क्योंकि यह आपके जीवन को हमेशा के लिए बदल देगा. मैं देश भर के नागरिकों से मेरे साथ जुड़ने और उन पॉजिटिव बदलावों को अपनाने का आग्रह करता हूं जो डेली फिटनेस उनके जीवन में ला सकते हैं.
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान का ये उत्साहपूर्ण मैसेज रीबॉक के सहयोग से एक बड़े अभियान का हिस्सा था. इस पहल का उद्देश्य लोगों को अपने व्यस्त कार्यक्रम में से एक घंटा फिट रहने और बेहतर और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करना था. धोना का यह मैसेज आज भी कई लोगों के काम आ सकता है.
हम क्या सीख सकते हैं?वीडियो में धोनी ने जो कहा वह ज्ञानी सलाह है. रोजाना एक घंटा व्यायाम करना बहुत अच्छा है और यह आदर्श भी हो सकता है, बशर्ते आप इसका पालन करने में सक्षम हों. लेकिन अगर अपने व्यस्त कार्यक्रम से एक घंटे का समय निकालने का विचार आपको परेशान करता है तो निराश न हों. यहां तक कि रोजाना 5 मिनट के वर्कआउट से भी काफी फर्क पड़ सकता है, अगर आप इसके साथ लगातार बने रहें. धीरे-धीरे शुरू करो और फिर धीरे-धीरे अपने प्रयासों पर निर्माण करें जब आप लंबे समय तक काम करने में सहज हो जाएं.
Disclaimer: इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है. हालांकि इसकी नैतिक जिम्मेदारी ज़ी न्यूज़ हिन्दी की नहीं है. हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें. हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है.
Crimes Against Foreigners Rise in Telangana, India
Hyderabad: India recorded 257 crimes against foreigners in 2024, up from 238 in 2023 and the highest count…

