मिर्जापुर जिले की कमान महिला शक्ति के हाथों में है, जिसने अपराध में कमी लाने में सफलता प्राप्त की है. मिर्जापुर की एसपी अपर्णा रजत कौशिक के अलावा तीन सीओ महिला हैं, जिनके हाथों में ट्रैफिक से लेकर दो सर्कल की कमान है. इन महिला अधिकारियों के आगे अपराधी परास्त हो रहे हैं और अपराध में भी कमी आई है. कई अपराधी अब जरायम की दुनिया से तौबा कर लिए हैं और कुछ शहर छोड़कर दूसरे जगहों पर चले गए हैं.
मिर्जापुर जिले की एसपी आईपीएस अपर्णा रजत कौशिक को लेडी सिंघम कहा जाता है. अपर्णा रजत कौशिक जिले में आने के बाद सारे थानों का निरीक्षण कर चुकी है. त्वरित न्याय और जीरो टॉलरेंस की नीति से काम कर रही है. यही वजह है कि न सिर्फ अपराध कम हुए हैं, बल्कि जनसुनवाई और न्याय की प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है. अपर्णा रजत कौशिक के आने के बाद छत्तीसगढ़ में हुए करोड़ों की गहनों की लूट सहित नशे के अपराधियों पर कार्रवाई की गई. गौ-तस्कर से लेकर अन्य अपराधों में लिप्त अपराधी एनकाउंटर में पड़े गए या खुद सरेंडर कर दिए.
मिर्जापुर में चुनार सर्किल में सीओ मंजरी राव है, जो तेज अफसरों में है. मंजरी राव लालगंज के बाद चुनार सर्किल का चार्ज संभाल रही है. उनके नेतृत्व में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. चुनार सर्किल में खनन क्षेत्र और चुनार इंड्रस्ट्रियल एरिया आता है. हालांकि, अभी तक कोई बड़ा क्राइम की घटना नहीं हुई है. छत्तीसगढ़ में हुए सोना लूटकांड में आरोपियों से मुठभेड़ करने वाली टीम को लीड कर रही थी.
मिर्जापुर में नक्सल प्रभावित सीओ ऑपरेशन की कमान शिखा भारती के हाथों में है. शिखा भारती सीओ ट्रैफिक के बाद ऑपरेशन बनी है. तेज-तर्रार शिखा भारती के नेतृत्व में गौ-तस्कर से लेकर अन्य अपराधियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिससे संगठित अपराध में कमी आई है. मिर्जापुर में सीओ ट्रैफिक के पद पर तैनात गायत्री यादव कड़क अंदाज के लिए जानी जाती है. फॉलो रूल से खुद चलती है और दूसरों को भी सलाह देती है. फिलहाल सीओ ट्रैफिक होने के बाद यातायात व्यवस्था में परिवर्तन हुए हैं.
मिर्जापुर में अपराध न सिर्फ खत्म हो गया है, बल्कि नया अपराधी भी इस दुनिया से नहीं जुड़ना चाह रहे हैं, क्योंकि उन्हें भी लग रहा है कि यह सही रास्ता नहीं है. मिर्जापुर के अधिकारियों की सख्त नीति और कार्रवाई ने अपराध में कमी लाने में सफलता प्राप्त की है.

