Uttar Pradesh

मिर्च की खेती से बंपर कमाई कर रहा बाराबंकी का ये किसान, एक ही खेत में उगाई तीन किस्में

Last Updated:April 07, 2025, 23:55 ISTChilli advanced varieties : इसे एक बीघा लगाने में 15 से 20 हजार रुपए लागत आती है, जबकि मुनाफा पांच गुना होता है. ये मिर्च काफी डिमांड में रहती हैं. इनका यूज अचार और पकौड़े बनाने में होता है. X

इन किस्मो की रहती है बाजारों में काफी डिमांडबाराबंकी. इस किसान ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर जिले के साथी किसानों को नई राह दिखाई है. इन दिनों ये एक ही खेत में तीन अलग-अलग प्रकार की मिर्च की खेती कर रहा है. इसमें अचारी मिर्च, शिमला मिर्च और देशी मिर्च शामिल हैं. इस अनूठी खेती से उसे प्रति वर्ष लाखों रुपए का मुनाफा हो रहा है. गर्मियों के मौसम में इन मिर्चों की बाजार में अच्छी मांग रहती है. इस किसान की सफल खेती देख दूसरे किसान भी अब इसी तरह की खेती का रुख कर रहे हैं. बाराबंकी जिले के निजामपुर गांव के रहने वाले किसान सत्येंद्र कुमार सब्जियों की खेती के साथ देसी मिर्च, शिमला मिर्च और अचारी मिर्च की खेती करने में जुटे हैं. आज वो करीब एक एकड़ में इन मिर्चों को उगाते हैं.

खर्च इतना, मुनाफा इतना

किसान सत्येंद्र कुमार वर्मा लोकल 18 से कहते हैं कि वैसे तो वो सब्जियों की खेती करते रहे हैं लेकिन इधर दो वर्षों से देसी मिर्च, शिमला मिर्च और अचारी मिर्च की खेती भी करने लगे. इसकी खेती में लागत बेहद कम है और मुनाफा कहीं अधिक है. सत्येंद्र के अनुसार, इस समय हमारे यहां करीब एक एकड़ में तीन किस्मों की मिर्च लगी है, जिसमें लागत एक बीघे में 15 से 20 हजार रुपए आती है. ये बीज, खाद, कीटनाशक दवाइयां और पानी आदि का खर्च है. मुनाफा एक फसल पर एक लाख से सवा लाख रुपए तक हो जाता है. इन किस्मों की मिर्च काफी डिमांड में रहती हैं. इनका उपयोग अचार और पकौड़े समेत कई चीजों में किया जाता है. इससे ये काफी महंगी भी बिकती हैं.

75 दिनों में तैयार

किसान सत्येंद्र के अनुसार, इन मिर्चों की खेती करना बहुत आसान है. पहले हम इसके बीज लाते हैं. फिर उसकी नर्सरी तैयार करते हैं. खेत की दो से तीन बार गहरी जुताई कर वर्मी कंपोस्ट या जैविक खाद डाल कर पूरे खेत में मेड़ बनाई जाती है. इन पर पन्नी डालकर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर इन मिर्च के पौधे को लगाया जाता है. उसके तुरंत बाद सिंचाई कर दी जाती है. जब पेड़ थोड़े बड़े होने लगते हैं तब इसमें थोड़ी खाद और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करते हैं. पौधा लगाने के 70 से 75 दिन बाद फल निकलने लगते हैं. अब उनकी तोड़ाई कर बाजारों में बेच सकते हैं.

Location :Bara Banki,Uttar PradeshFirst Published :April 07, 2025, 23:55 ISThomeagricultureमिर्च की खेती से बंपर कमाई कर रहा ये किसान, एक ही खेत में उगाई तीन किस्में

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