मेरठ: कुछ करने का अगर हौसला हो तो कठिन से कठिन डगर में भी मुकाम हासिल किया जा सकता है. कुछ इसी तरह का उदाहरण पेश कर रही हैं मेरठ में तैनात पुलिस कांस्टेबल सरिता. जो ड्यूटी के साथ-साथ अपने सपने को संजोए हैं. दरअसल सरिता जब ट्रैक पर दौड़ती हैं तो अन्य सभी खिलाड़ी पीछे रह जाते हैं. उड़न परी का सपना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भारत का नाम रोशन करें. अमेठी में आयोजित 31वीं यूपी मास्टर एथलेटिक्स मीट में तीन स्वर्ण पदक जीतने पर पुलिस के आला अधिकारी भी सरिता को सम्मानित करेंगे.बढ़ला कैथवाड़ा की रहने वाली सरिता शर्मा सहारनपुर में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यत हैं. वह एक बेहद साधारण परिवार से हैं. उनके पिता भी पुलिस में थे लेकिन वर्ष 2019 में वह गुजर गए. सरिता के पिता का सपना था कि उनकी बेटी ओलंपिक प्रतियोगिता में मेडल लाकर देश का नाम रोशन करे. उसी सपने को पूरा करने के लिए सरिता अपने फर्ज के साथ अपनी प्रैक्टिस में लगी हुई हैं. जनपद हो या स्टेट लेवल की विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं.
NEWS 18 LOCAL से बात करते हुए सरिता ने बताया पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी नियमों के अंतर्गत उनको खेलने के लिए भरपूर समर्थन कर रहे हैं. वहीं पुलिस कांस्टेबल सरिता अपने जज्बे और जुनून के दम पर अधिकारियों के विश्वास को मेडल में तब्दील कर रही हैं. गौरतलब है अमेठी में आयोजित स्टेट लेवल एथलीट प्रतियोगिता में भी 5 किलोमीटर, 3 किलोमीटर और 10 किलोमीटर में प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं. अब वह ओलंपिक के लिए दिन-रात तैयारी कर रही हैं.सरिता की इस सफलता में उनकी बड़ी बहन का भरपूर योगदान है. एथलीट सरिता ने बताया कि उनकी बड़ी बहन अंजना खुद भी कुश्ती की कोच हैं और इस समय अलवर में तैनात हैं. बहन ही उनकी प्रेरणा हैं. सुबह प्रैक्टिस के लिए वही फोन करके जगाती हैं और कहीं भी दुविधा होने पर विभिन्न टिप्स भी देती हैं.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : November 23, 2022, 15:33 IST
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