Uttar Pradesh

मेरठ समाचार : व्यापारी से सड़क पर नाक रगड़वाने का मामला, भाजपा सांसद बोले- मूकदर्शक पुलिसकर्मियों पर भी हो सख्त कार्रवाई

मेरठ में व्यापारी से नाक रगड़वाने का मामला प्रदेशभर में हड़कंप मचा दिया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है। भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने पीड़ित व्यापारी के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि पार्टी उसके साथ खड़ी है और मूकदर्शक बने पुलिसकर्मियों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

मेरठ पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद जनाक्रोश बढ़ गया। भाजपा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि भाजपा पूरी तरह पीड़ित व्यापारी के साथ है। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस ने मूकदर्शक बने कर्मियों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की।

एसपी ने दिया भरोसा, आरोपियों को बख़्शा नहीं जाएगा। सांसद ने कहा, “लाइन हाजिर करना कोई दंड नहीं है। इस तरह की घटनाओं से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं। यह जांच होनी चाहिए कि किसके दबाव में आरोपी बकुल चपराना को जमानत दी गई।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा चाहती है कि कानून के अनुसार सभी आरोपियों को कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

घटना के बाद भाजपा का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी कार्यालय पहुंचा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया कि किसी भी दोषी को बख़्शा नहीं जाएगा।

न्यूज़ 18 की खबर का बड़ा असर इस प्रकरण में न्यूज़ 18 की रिपोर्टिंग का बड़ा असर देखने को मिला है। मीडिया में मामला आने के बाद मेरठ पुलिस हरकत में आई और तुरंत जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने अब तक तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही मुकदमे में गंभीर धाराएं जोड़ दी गई हैं। मुख्य आरोपी बकुल चपराना, जिसे पहले जमानत मिल गई थी, अब दोबारा गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने उसकी तलाश में कई जगह दबिश दी है। सूत्रों के मुताबिक, बकुल की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

वीडियो फुटेज से जांच आगे बढ़ी पुलिस ने घटना का वीडियो फुटेज खंगालते हुए जांच आगे बढ़ाई है। फुटेज में स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि व्यापारी को सरेआम अपमानित किया गया। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। अब उन्हीं पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच हो रही है।

बदतमीजी के कुछ हिस्सों के वीडियो भी पुलिस के पास इसी के साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि व्यापारी और आरोपी पक्ष के बीच विवाद की असल वजह क्या थी। बताया जा रहा है कि व्यापारी की ओर से की गई बदतमीजी के कुछ हिस्सों के वीडियो भी पुलिस के पास हैं, जिन्हें अब सबूत के तौर पर देखा जा रहा है। एसएसपी मेरठ ने कहा है कि विवेचना निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख़्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जा रही है ताकि जांच में कोई चूक न हो।

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