रिपोर्ट- विशाल भटनागर, मेरठMEERUT: शिक्षा के उजाले से दिव्यांग और दृष्टिबाधित युवाओं के भी भविष्य संवरे इसके लिए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित राजा महेंद्र प्रताप लाइब्रेरी में अब अनोखी पहल की जा रही है. ऐसे छात्र-छात्राएं जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी दृष्टि बाधित होने के कारण पूरी नहीं कर पाते है. वह सभी विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में अध्ययन कर पाएंगे.दरअसल दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को अलग ब्रेल लिपि के माध्यम से ही पढ़ाया जाता है. इसके लिए ब्रेल लिपि सहित ऑडियो के भी यंत्र होते हैं. वह सभी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा खरीद लिए गए हैं. इतना ही नहीं लाइब्रेरी में ही एक स्थान पर इन सभी की बैठने की व्यवस्था के लिए भी कार्य शुरू हो गया है. इसी के साथ ही जो भी दिव्यांग छात्र-छात्राएं अध्ययन करने के लिए आएंगे उनके लिए व्हीलचयर की भी व्यवस्था रहेगी.2 माह में शुरू हो जाएगा केंद्रराजा महेंद्र प्रताप के डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ जमाल अहमद सिद्दीकी ने news 18 local से खास बातचीत करते हुए बताया कि, इन केंद्रों पर काम शुरू हो गया है. दिव्यांगों और दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को तैयारी करने में किसी भी प्रकार की दिक्कत ना हो. उसके लिए केंद्र को मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि, भूतल में ही तीन केंद्र बनाए जाएंगे. जिसमें दिव्य दृष्टि बाधित, दिव्यांग और छात्राओं के लिए अलग से सेक्शन होगा .हजारों की संख्या में पढ़ते हैं स्टूडेंट्सविश्वविद्यालय परिसर स्थित लाइब्रेरी की बात करें तो उस में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन करने के लिए प्रतिदिन आते हैं. वहीं विश्वविद्यालय में तैयारी करने वाले विभिन्न छात्र-छात्राएं आईएएस, पीसीएस सहित अन्य पदों पर भी कार्य कर रहे हैं.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : December 06, 2022, 12:31 IST
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Govt figures Tell a Tale
Corpns, federations, welfare boards have little to show for work Source link

