Uttar Pradesh

मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टर ने बताई हड्डियां जोड़ने की ऐसी तकनीक, 3 दिन में दौड़ने लगेगा मरीज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का मेदांता हॉस्पिटल टूटी हड्डियां जोड़ने की एक ऐसी तकनीक लेकर आया है जिसके बारे में सुनकर सभी लोग हैरान हैं. हड्डियों का ऐसा ऑपरेशन इसी हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डायरेक्टर डॉ. सौरभ शुक्ला की देखरेख में किया जा रहा है. डॉ. शुक्ला कूल्हे का पारंपरिक विधि से ऑपरेशन न कर डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच की विधि से ऑपरेशन करने वाले लखनऊ के पहले डॉक्टर हैं.

दिल्ली और इंग्लैंड होते हुए पहुंचे लखनऊडॉ. सौरभ शुक्ला का जन्म उत्तर प्रदेश कानपुर में हुआ है. उनके पिता डॉ. आरके शुक्ला कानपुर मेडिकल कॉलेज में हड्डी के बड़े डॉक्टरों में शुमार थे. यही कारण रहा कि डॉ. सौरभ का भी झुकाव मेडिकल के क्षेत्र में हो गया. पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए डॉ. सौरभ ने भी एमबीबीएस करने के बाद एमएस ऑर्थोपेडिक्स की पढ़ाई की. उन्होंने अपनी मेडिकल की पढ़ाई और प्रैक्टिस एम्स दिल्ली और इंग्लैंड से पूरी की. साल 2011 में उन्होंने लखनऊ में अपनी ऑर्थोपेडिक्स की क्लीनिक खोली.

कैसे इतनी कमजोर हो रहीं हड्डियांवर्तमान में डॉ. सौरभ लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डायरेक्टर हैं. इन दिनों हल्की सी चोट लगने मात्र से हड्डी टूटने के बारे में बात करते हुए डॉ. सौरभ कहते हैं कि आजकल के पेरेंट्स अपने बच्चों की न पहले जैसी मालिश करते हैं और न ही उनके स्वास्थ्य का उतना ध्यान दे पाते हैं. यही कारण है कि नई पीढ़ी की हड्डियां पहले के लोगों की अपेक्षा कमजोर हो गई हैं. डॉ. सौरभ हड्डियों को मजबूत करने के लिए प्रोटीन और विटामिन युक्त भोजन की सलाह देते हैं. शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा के लिए उन्होंने धूप लेने का सुझाव दिया.

कोरोना महामारी के बाद बढ़ी दिक्कतेंडॉ. सौरभ शुक्ला के अनुसार, सुबह धूप लेने से हमारी हड्डियां मजबूत होती हैं. वह कहते हैं कि कोरोना महामारी के बाद लोगों में कूल्हा सिकुड़ने की काफी दिक्कतें आ रही हैं. इसके लिए कूल्हे का ऑपरेशन करना होता है. कूल्हे के ऑपरेशन के लिए पारंपरिक विधि के प्रयोग से मरीजों को कई सावधानियां बरतनी होती हैं. जैसे कि कम झुकना, पल्थी मारकर न बैठना आदि. इन सावधानियों के न बरतने पर कूल्हा उतरने या ऑपरेशन के विफल होने का अंदेशा होता है. इन समस्याओं से निपटने के लिए वे ऑपरेशन मैथेड में बदलाव की बात करते हैं.

कैसे काम करता है नया तरीकाडॉ. सौरभ कूल्हे का पारंपरिक विधि से ऑपरेशन न कर डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच विधि से ऑपरेशन करने वाले लखनऊ के पहले डॉक्टर हैं. ऑपरेशन की इस नई विधि से मरीज को ऑपरेशन के दौरान कम दर्द होता है. ऑपरेशन के तीन दिन बाद ही मरीज चलना-फिरना शुरू कर देता है. ऑपरेशन की यह विधि इस समय मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ में मौजूद है.
Tags: Local18, Lucknow latest news, Lucknow newsFIRST PUBLISHED : December 20, 2024, 23:21 IST

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