Uttar Pradesh

Mathura News : सरकारी अस्पताल में डिलीवरी का रेट फिक्स, फ्री इलाज की उम्मीद, रिश्वत की मजबूरी

Last Updated:January 09, 2026, 10:49 ISTMathura News : मथुरा के महिला जिला अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. आरोप है कि यहां डिलीवरी के नाम पर पहले से रेट तय किए जाते हैं और फ्री इलाज की उम्मीद लेकर आने वाली प्रसूताओं को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है.मथुरा : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करते हों, लेकिन जमीनी हकीकत इससे इतर नजर आ रही है.मथुरा का महिला जिला अस्पताल एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है.हाल ही में सामने आए एक वायरल वीडियो ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है.

डॉक्टरों को अक्सर भगवान का दूसरा रूप कहा जाता है, लेकिन महिला जिला अस्पताल में सामने आई तस्वीरें इस धारणा को झकझोरने वाली हैं. सरकार से मोटा वेतन पाने के बावजूद अस्पताल से जुड़े कुछ लोग खुलेआम गरीब मरीजों से पैसे वसूलते नजर आ रहे हैं.प्रसूता और उनके परिजन यह सोचकर अस्पताल आते हैं कि यहां मुफ्त और सुरक्षित इलाज मिलेगा, लेकिन वास्तविकता इसके ठीक उलट बताई जा रही है. आरोप है कि आशा वर्कर प्रसूता को अस्पताल लाने से पहले ही वसूली की रकम तय कर देती हैं. हर डिलीवरी के लिए 4,000 से 5,100 रुपये तक की मांग की जाती है. रकम न देने की स्थिति में प्रसूता को आगरा रेफर करने या इलाज में लापरवाही बरतने की धमकी तक दी जाती है.

जुड़वा बच्चों की मौत, परिजनों के गंभीर आरोपयमुना पार क्षेत्र के गोसना गांव निवासी एक युवक ने महिला जिला अस्पताल के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनकी पत्नी खुशबू को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया. कुछ ही घंटों बाद एक बच्चे की मौत हो गई.परिजनों का आरोप है कि बच्चे की हालत बिगड़ने की कोई सूचना उन्हें नहीं दी गई. पीड़ित परिवार के अनुसार, आशा वर्कर ने पहले ही 4,200 रुपये यह कहकर ले लिए थे कि यह रकम अस्पताल स्टाफ को देनी है. इसके अलावा स्टाफ द्वारा चाय-पानी के नाम पर भी पैसे वसूले गए.आरोप है कि शगुन के नाम पर 5,000 रुपये से कम की राशि नहीं ली जाती और यह पैसा अस्पताल के कर्मचारियों में आपस में बांट लिया जाता है.

सीएमएस की शह पर चल रहा रिश्वत का खेलअस्पताल में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर सीएमएस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है. आरोप है कि शिकायतें पहुंचने के बावजूद सीएमएस केवल औपचारिकता निभाते हैं.उनका रटा-रटाया जवाब होता है कि मामला संज्ञान में आया है, कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती.

मृत बच्चों का डाटा पोर्टल पर दर्ज नहींसबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि अस्पताल में जन्म लेने वाले या इलाज के दौरान मरने वाले बच्चों का डाटा पोर्टल पर दर्ज ही नहीं किया जाता. बताया जा रहा है कि खासतौर पर गंभीर हालत या मृत बच्चों का विवरण जानबूझकर फीड नहीं किया जाता, ताकि आंकड़ों में मौतों की संख्या शून्य दिखाई दे. आरोप है कि बच्चा वार्ड में इलाज में लापरवाही के चलते रोज किसी न किसी नवजात की मौत होती है, लेकिन कागजों में सब कुछ सामान्य दिखाया जाता है. महिला जिला अस्पताल से जुड़े ये आरोप न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि सरकार की भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था के दावों को भी कटघरे में खड़ा करते हैं.About the Authormritunjay baghelमीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ेंLocation :Mathura,Uttar PradeshFirst Published :January 09, 2026, 10:49 ISThomeuttar-pradeshसरकारी अस्पताल में डिलीवरी का रेट फिक्स, फ्री इलाज की उम्मीद,रिश्वत की मजबूरी

Source link

You Missed

Polavaram Tribal Oustees Fail to Get Justice from Officials
Top StoriesMay 18, 2026

पोलावरम के आदिवासी विस्थापितों को अधिकारियों से न्याय नहीं मिला

काकीनाडा: आंध्र प्रदेश सरकार ने पोलावरम परियोजना से विस्थापित परिवारों, मुख्य रूप से अनुसूचित जनजातियों के समस्याओं को…

US-brokered Israel-UAE alliance shows strain as Iran tensions escalate
WorldnewsMay 18, 2026

अमेरिका द्वारा मध्यस्थता की गई इज़राइल-यूएई गठबंधन में तनाव दिखाई दे रहा है, जबकि ईरान के साथ तनाव बढ़ रहे हैं

ड्रोन हमले से संयुक्त अरब अमीरात में परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर प्रभाव अवाम का सच के मुख्य विदेश…

Scroll to Top