Uttar Pradesh

Manish Gupta murder case After case transfer SIT Kanpur reached Gorakhpur for investigation upas



गोरखपुर. उत्तर प्रदेश में कानपुर (Kanpur) के व्यापारी मनीष गुप्ता की हत्या (Manish Gupta Murder Case) मामले की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) आज अध्यक्ष अपर पुलिस आयुक्त, कानपुर आनंद कुमार तिवारी के नेतृत्व में गोरखपुर (Gorakhpur) पहुंची है. टीम की सदस्य डीसीपी दक्षिण रवीना त्यागी, एडिशनल डीसीपी पश्चिम बृजेश कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद हैं. फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल होटल कृष्णा पैलेस पहुंची टीम कमरा नंबर-512 में छानबीन कर रही है. होटल के इसी कमरे में दोस्तों के साथ मनीष गुप्ता ठहरे थे. एसआईटी रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस पहुंची है.
बता दें इस मामले में प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है. प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी सहित तमाम पार्टियां लागातार योगी सरकार पर हमलावर हैं. इस मामले में पिछले दिनों मनीष की पत्नी मीनाक्षी से खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर जाकर मुलाकात की. इस दौरान सीएम योगी ने मीनाक्षी की नौकरी, मुआवजा और गोरखपुर से कानपुर केस ट्रांसफर कराने की मांग मान ली.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मनीष गुप्ता की पत्नी को विकास प्राधिकरण में ओएसडी की नौकरी देने और राहत राशि 10 लाख से बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव देने को कहा है. मनीष गुप्ता के परिवार ने सीबीआई जांच की भी मांग रखी. सीएम ने इस पर भी आश्वासन दिया. सीएम ने कहा कि जांच के संबंध में भी जो कुछ होगा किया जाएगा.
सीएम ने कहा कि गोरखपुर में हुई घटना बेहद शर्मनाक है. पीड़ित परिवार जैसी जांच चाहेगा वैसी जांच सरकार करवाने को तैयार है. यदि परिवार सीबीआई जांच चाहता है तो सीबीआई को जांच के लिए प्रेषित किया जाएगा. यदि कानपुर पुलिस द्वारा जांच चाहता है, तो कानपुर पुलिस को जांच के लिए कहा जाएगा.
यह है पूरा मामला
दरअसल सोमवार (27 सितंबर) रात रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के कृष्णा पैलेस होटल में कानपुर के रहनेवाले 36 साल के रियल एस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों प्रदीप और हरी चौहान के साथ ठहरे थे. देर रात होटल में चेक‍िंग के लिए पुलिस पहुंची. इस दौरान यह पाया गया कि तीन लोग गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित महादेवा बाजार के रहनेवाले चंदन सैनी के पहचान पत्र के आधार पर एक कमरे में ठहरे हुए हैं. संदेह होने पर पूछताछ के दौरान कथित रूप से पुलिस की ओर से पिटाई के बाद घायल मनीष की संदिग्ध हालात में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस की थ्योरी पर उठा रही सवाल
मामले में कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी. यही नहीं मनीष की पत्नी की तहरीर पर पुलिसकर्मियों पर हत्या की एफआईआर भी दर्ज की गई. हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी पुलिसकर्मी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. बता दें फिलहाल पुलिस का दावा है कि मनीष से आईडी कार्ड की मांग की गई लेकिन वह नहीं दिखा सके, इसके बाद पुलिस से भागते हुए वह गिरकर घायल हो गए, जिसमें उनकी मौत हो गई. लेकिन पुलिस की इस थ्योरी पर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद सवाल उठने लगे. रिपोर्ट के अनुसार मनीष के चेहरे और शरीर के कई अंगों पर गंभीर चोट के निशान हैं.
इनपुट: राम गोपाल द्विवेदी/अनिल सिंहपढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.



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