गर्दिश में सितारे/सुरेंद्र अग्रवाल: साल 2012 में पाकिस्तान से लेकर अमेरिका तक एक खबर सनसनी की तरह फैल गई थी. खबर थी कि एक लड़की के सिर में गोली मार दी गई. लेकिन ये खबर इसलिए सनसनी बन गई थी, क्योंकि गोली मारने वाला तहरीक ए तालिबान का आतंकवादी था और जिस लड़की के सिर में गोली मारी गई, वो पाकिस्तान की एक 15 साल की लड़की मलाला युसुफजई थी. जिसे देश में लड़कियों की शिक्षा के लिए जागरुकता फैलाने पर सिर के बायीं तरफ गोली लगी. इसके बाद मलाला ने जिंदगी और मौत के बीच मुश्किल लड़ाई लड़ी और आखिरकार मौत को हराकर वापस आ गई. आपको बता दें कि इसके बाद मलाला युसुफजई को 2014 में शांति का नोबेल प्राइज दिया गया और हाल ही में उन्होंने पाकिस्तानी बिजनेसमैन असर मलिक के साथ निकाह भी कर लिया है.
कैसे मौत को छूकर वापस आ गई थी Malala Yousufzai?घटना के एक साल बाद एक अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को मलाला युसुफजई की सर्जरी करने वाले डॉक्टरों ने इंटरव्यू दिया था. जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें भरोसा नहीं था कि मलाला जिंदगी की लड़ाई जीत भी पाएंगी. लेकिन वह एक हीरो की तरह मौत को छूकर वापस आ गई थी. दरअसल, गोली लगने के कुछ घंटे बाद चोट के कारण ब्रेन में सूजन आने की वजह से मलाला के दिमाग की सर्जरी की गई, लेकिन ब्रेन सर्जरी के बाद भी उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी. जिसके बाद नोबेल प्राइज विजेता मलाला युसुफजई पर गंभीर संक्रमण और मल्टीपल ऑर्गन फेलियर का खतरा भी मंडराने लगा था. डॉक्टर्स ने बताया कि, दिमाग के जिस हिस्से में मलाला को गोली लगी थी, वो ना सिर्फ बोलने या स्पीच सेंटर्स को कंट्रोल करता है, बल्कि दाएं हाथ और दाएं पैर के कार्य भी नियंत्रित करता है.
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मलाला युसुफजई को गोली लगने के बाद के 72 घंटों को डॉक्टर्स काफी संवेदनशील बताते हैं. जिसमें मलाला को ब्लड ट्रांसफ्यूजन तक किया गया और करीब तीन दिन बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए बर्मिंघम ले जाया गया. आपको बता दें कि मलाला ना सिर्फ अब पूरी तरह स्वस्थ हैं, बल्कि लड़कियों की शिक्षा और अधिकारों की जोर-शोर से पैरवी कर रही हैं.
आइए, जानते हैं कि मल्टीपल ऑर्गन फेलियर, ब्लड ट्रांसफ्यूजन और ब्रेन सर्जरी का मतलब क्या होता है?
Craniotomyमलाला युसुफजई की Craniotomy की गई थी, जो कि एक ब्रेन सर्जरी होती है. Johns Hopkins के मुताबिक, क्रेनियोटोमी सर्जरी में खोपड़ी का एक हिस्सा निकाल दिया जाता है. जिससे दिमाग को फैलने के लिए जगह मिल सके. जब दिमाग को सही अवस्था में ला दिया जाता है, तो इस हिस्से को वापस अपनी जगह लगा दिया जाता है.
मल्टीपल ऑर्गन फेलियरNCBI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मल्टीपल ऑर्गन फेलियर को मल्टीपल ऑर्गन डिस्फंक्सन सिंड्रोम भी कहा जाता है. इस कंडीशन में दो या उससे ज्यादा उन अंगों की आशंकित निष्क्रियता होती है, जो कि आईसीयू में भर्ती होने का कारण नहीं थे. मसलन, अगर किसी मरीज को किडनी खराब होने की स्तिथि में आईसीयू में भर्ती किया गया है और इलाज के बाद भी फेफड़े और दिल की निष्क्रियता बढ़ती जा रही है, तो उसे मल्टीपल ऑर्गन फेलियर कहा जाएगा.
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ब्लड ट्रांसफ्यूजनMayoclinic के मुताबिक, ब्लड ट्रांसफ्यूजन एक रुटीन मेडिकल प्रोसीजर होता है. जिसमें डोनेट किया हुआ कून एक हाथ की नस में लगी एक पतली ट्यूब के माध्यम से शरीर में पहुंचाया जाता है. जिसकी मदद से किसी चोट या सर्जरी के बाद शरीर में हुई खून की कमी को पूरा किया जाता है. इसके अलावा, यह उस स्थिति में भी किया जाता है, जब किसी बीमारी के कारण आपका शरीर खून या उसके किसी जरूरी तत्व का निर्माण खुद नहीं कर पाता है.
यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है. यह सिर्फ शिक्षित करने के उद्देश्य से दी जा रही है.
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