Last Updated:February 07, 2026, 17:46 ISTMahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 इस बार बेहद खास रहने वाली है. काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार 15 फरवरी को ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है. इस दिन सूर्य, बुध और शुक्र का त्रिग्रही योग बनेगा, वहीं भगवान शिव को अतिप्रिय श्रवण नक्षत्र का भी संयोग रहेगा. इसके साथ ही व्यतिपात, वरियान, ध्रुव और राजयोग का एक साथ बनना इस महाशिवरात्रि को और भी अत्यंत फलदायी और विशेष बना रहा है.ख़बरें फटाफटवाराणसी. वैसे तो साल में 12 शिवरात्रि होती है. लेकिन, इसमें फाल्गुल मास के कृष्ण पक्ष की चुतर्दशी तिथि का अपना विशेष महत्व होता है. इसे महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है. यह दिन भगवान भोले को अतिप्रिय है. इस दिन भगवान भोले सहज ही भक्तों से प्रसन्न हो जाते हैं. इस बार महाशिवरात्रि पर ग्रह नक्षत्रों का अद्भुत संयोग बन रहा है. काशी के ज्योतिषियों का दावा है कि करीब 300 साल बाद महाशिवरात्रि पर 8 योग का शुभ योग बन रहा है.
वैदिक हिन्दू पंचांग के अनुसार,फाल्गुल कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 फरवरी को शाम 5 बजकर 6 मिनट से शुरू हो रहा है. जो अगले दिन यानी 16 फरवरी को 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा. काशी के ज्योतिषाचार्य पण्डित संजय उपाध्याय ने बताया कि इस 15 फरवरी को सूर्य, बुध और शुक्र का त्रिग्रही योग बन रहा है. इसके अलावा इस दिन श्रवण नक्षत्र भी है जो भगवान शिव को अतिप्रिय माना जाता है. इसके अलावा व्यतिपात, वरियान, ध्रुव और राज योग का भी महासंयोग है. जो इस दिन को और भी खास बनाता है.
तीन राशि वालों की खुलेगी किस्मतइस दिन भगवान शिव की पूजा से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है. इसके अलावा भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति भी होती है. पण्डित संजय उपाध्याय ने बताया कि यह शुभ योग मेष,कन्या और वृषभ राशि वालों के लिए बेहद ही शुभ है. इस दिन मेष राशि वालों को धन की प्राप्ति होगी. वहीं, कन्या राशि वालें नए काम का श्रीगणेश करेंगे और उनके व्यापार में भी उन्नति होगी. वहीं वृश्चिक राशि वालों को नौकरी में प्रमोशन भी मिल सकता है.
शिवलिंग का हुआ था प्रादुर्भावधार्मिक कथाओं के मुताबिक, इस दिन ही सृष्टि में भगवान शिव का शिवलिंग स्वरूप में प्रादुर्भाव हुआ था. इसके अलावा एक कथा ये भी है कि इस दिन ही भगवान शिव माता पार्वती के साथ सात जन्मों के बंधन में बंधे थे. इसलिए इस दिन का खासा महत्व शास्त्रों में बताया गया है. इस दिन जो भी भक्त व्रत रखता है और चार पहर भगवान शिव की पूजा आराधना करता है. उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.
रुद्राभिषेक का मिलता है विशेष फलइस दिन जो भी भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करता है. उसे विशेष फल की प्राप्ति होती है. इसके अलावा दशोपचार, पंचोपचार और षोडशोपचार विधि से भी शिवलिंग की पूजा से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है और मनुष्य के वैवाहिक कष्ट भी दूर होतें है. इसके अलावा जिनका विवाह नहीं होता, इस दिन व्रत से उनके विवाह संबधी बाधाएं भी दूर हो जाती है.About the AuthorMadhuri Chaudharyपिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ेंLocation :Varanasi,Uttar PradeshFirst Published :February 07, 2026, 17:46 ISThomeuttar-pradeshमहाशिवरात्रि 2026 पर दुर्लभ संयोग, एक साथ 8 शुभ योग, किसकी चमकेगी किस्मत?

