Prayagraj Magh Mela 2026: संगम की रेती पर चल रहे माघ मेले के चौथे मुख्य स्नान पर्व ‘बसंत पंचमी’ पर 23 जनवरी को आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पिछले सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए. उत्तर प्रदेश प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, इस पावन अवसर पर संगम सहित गंगा-यमुना के विभिन्न घाटों पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई. यह संख्या महाकुंभ-2025 की बसंत पंचमी (2.57 करोड़) के मुकाबले कहीं अधिक है. पढ़ें पूरी रिपोर्ट…
Magh Mela Update: माघ मेला क्षेत्र में एक शिविर में लगी आगमाघ मेले के सेक्टर 6 में तुलसी शिवाला मार्ग स्थित किशोरी मठ के एक शिविर में आग लग गई. घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और काबू पाने में सफल रही. आग लगने के कारण शिविर में रखा सामान, रजाई, गद्दे और दो टेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गए. सौभाग्य से इस अग्निकांड में किसी व्यक्ति को चोट या जनहानि नहीं हुई. फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और आग लगने के कारणों की जांच पड़ताल में जुट गए हैं. घटना से माघ मेले में लगे शिविरों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों में सतर्कता बढ़ गई है.
Magh Mela 2026: प्रयागराज माघ मेले पर VIP कल्चर पर बोले स्वामी नारायणाचार्य शांडिल्यश्रृंगवेरपुर पीठाधीश्वर श्रीमद् जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी नारायणाचार्य शांडिल्य जी महाराज ने माघ मेले में वीआईपी कल्चर का विरोध किया. उन्होंने कहा कि सभी संत समान हैं और किसी को अलग ट्रीटमेंट नहीं मिलना चाहिए. स्वामी नारायणाचार्य ने प्रशासन से कहा कि सभी संतों को आराम से स्नान कराने की व्यवस्था करनी चाहिए. उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ को बाबर-अकबर की संतान बताना संत समाज को स्वीकार नहीं है. साथ ही उन्होंने सीएम योगी का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सनातन धर्म के लिए अच्छे कार्य किए हैं. उन्होंने प्रशासन की चूक और दोनों तरफ हुई गड़बड़ियों पर भी ध्यान दिलाया और कहा कि अब इस मामले का शीघ्र पटाक्षेप होना चाहिए.
माघ मेला: त्रिवेणी तट पर ‘किन्नर अखाड़े’ की रासलीला, बनी आकर्षण का केंद्रप्रयागराज माघ मेले में किन्नर अखाड़ा अपनी आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए चर्चा में है. महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणी नंद गिरी (छोटी मां) ने स्वयं राधा का रूप धारण कर भगवान श्रीकृष्ण की रासलीला का मंचन किया. बड़ी संख्या में श्रद्धालु किन्नर संतों की अघोर तंत्र साधना और इन मनमोहक प्रस्तुतियों को देखने पहुंच रहे हैं.
Magh Mela 2026 Live Updates: माघ मेले में संतों की भीषण ‘धूना तपस्या’ शुरूबसंत पंचमी के पावन पर्व से माघ मेले में वैष्णव सन्यासियों की कठिन ‘धूना पूजा’ का आगाज हो गया है. महावीर मार्ग पर संत जलते हुए उपलों (कंडों) के बीच बैठकर साधना कर रहे हैं. यह तपस्या गंगा दशहरा तक चलेगी. भीषण गर्मी में भी संत खुले आसमान के नीचे आग जलाकर शरीर को तपाते हैं. करीब 10,000 त्यागी संत विश्व शांति और धर्म की रक्षा के लिए यह 8 प्रकार की कठिन साधना कर रहे हैं.
Magh Mela 2026 Latest News: इमरजेंसी प्लान और रूट डायवर्जनदोपहर 12 बजे तक आंकड़ा 2.10 करोड़ पार कर गया था, जिसे देखते हुए प्रशासन ने ‘इमरजेंसी प्लान’ लागू किया. काली मार्ग पर भीड़ का दबाव बढ़ने पर बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं को ऐरावत घाट की ओर डायवर्ट किया गया. मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि अब तक के स्नान पर्वों में 15 करोड़ से अधिक लोग डुबकी लगा चुके हैं.
Magh Mela 2026 Latest Updates: अव्यवस्था और वीआईपी कल्चर पर उठे सवालएक तरफ जहां प्रशासन रिकॉर्ड तोड़ भीड़ का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा. सुरक्षा के नाम पर शटल बसें शहर के बाहर रोक दी गईं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को भारी सामान लेकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा. ई-रिक्शा और ऑटो चालकों ने मजबूरी का फायदा उठाकर 500 से 1000 रुपये तक वसूले. जहां आम जनता पैदल चल रही थी, वहीं संगम नोज तक 20 गाड़ियों का वीआईपी काफिला पहुंचने पर लोगों में रोष दिखा.
प्रयागराज माघ मेला 2026 लाइव: ‘कांटा वाले बाबा’ का 40 साल पुराना संकल्पमेले में बिहार के रहने वाले ‘कांटा वाले बाबा’ भी चर्चा का विषय बने रहे. पिछले 40 वर्षों से कांटों पर लेटकर तपस्या करने वाले बाबा ने बसंत पंचमी पर अपना व्रत तोड़ा. उन्होंने बताया कि परिवार से विरक्त होकर वे भगवान की शरण में हैं और दान में मिले अन्न व धन से वे भंडारा करेंगे.
Magh Mela 2026 Live News: जब ‘चीची’ (गोविंदा) पहुंचे गंगा तटबॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता गोविंदा भी माघ मेले की अलौकिक छटा देखने प्रयागराज पहुंचे. उन्होंने पूर्व सांसद संगम लाल गुप्ता के साथ फाफामऊ घाट पर मां गंगा का पूजन-अर्चन किया. गोविंदा ने मेले की व्यवस्थाओं की प्रशंसा करते हुए कहा, ‘मोदी-योगी शासन में ऐसी व्यवस्था हुई है, जो न भूतों न भविष्यति है.’
Magh Mela 2026 Prayagraj: शंकराचार्य और किन्नर अखाड़ा रहे आकर्षण का केंद्रआस्था के इस महापर्व पर पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने भी संगम में डुबकी लगाई. स्वास्थ्य कारणों से वे व्हीलचेयर से घाट तक पहुंचे, जहां उनके साथ बंधवा लेटे हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी बलबीर गिरी भी मौजूद रहे. वहीं, संगम तट पर नागा संन्यासियों और सनातनी किन्नर अखाड़े की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. नागा साधुओं के साहसिक करतब और किन्नर अखाड़े की भव्यता देखने के लिए भारी भीड़ जुटी रही.
Magh Mela 2026 Live: भोर से ही शुरू हुआ स्नान, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाममाघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि गुरुवार रात से ही लगने के कारण स्नान का सिलसिला शुक्रवार भोर से ही प्रारंभ हो गया. प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 24 स्नान घाटों पर व्यापक इंतजाम किए थे. संगम नोज, दशाश्वमेध, झूंसी, अरैल और फाफामऊ घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए स्नान क्षेत्र का विस्तार किया गया. सुरक्षा के लिए RAF, जल पुलिस, PAC के जवान और गोताखोरों की टीमें स्टीमर और नावों के साथ मुस्तैद रहीं.

