लखनऊ. देश में मैंगो मैन के नाम से मशहूर हाजी कलीम उल्लाह खान ने आम के बाद अब केले के पेड़ पर अपना हाथ आजमाया है. मैगो मैंन ने केले के पेड़ पर शोध करके एक ऐसा केले का पेड़ उगाया है. जिसके तने की लंबाई सात फीट है. यानी केले के पेड़ का जो तना है. उसकी लंबाई 7 फीट है. जबकि मोटाई 2 फीट 2 इंच है. यही नहीं मैंगो मैन ने दावा किया है कि इस पेड़ पर जो केले आएंगे उनका वजन दुनिया के सभी केलो से ज्यादा होगा.ऐसा किए जाने के पीछे वह बताते है कि आबादी दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है. जमीन घट रही हैं. पानी घट रहा है ऐसे में आने वाले वक्त में लोगों को खाने-पीने की कोई कमी न हो. इसीलिए केले के पेड़ पर उन्होंने शोध करके एक ऐसा केले का पेड़ लगाया है. जिस पर जब केले आएंगे तो उनका वजन सबसे ज्यादा मोटा होगा. उन्होंने बताया कि क्योंकि केला रोटी का काम करता है. अगर केला खा लिया जाए तो इंसान का पेट भी भर जाता है और उसे सारे पौष्टिक तत्व भी मिल जाते हैं. अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इस तरह के पेड़ पूरे देश भर में वह लगाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा केले लोगों तक पहुंच सकें और लोग अपनी भूख को मिटा सके. कोई भी भूखा पेट न सोए.विशेषज्ञ जरूर करें पड़तालहाजी कलीम ने बताया कि इस पर केले जल्द ही आ जाएंगे. उनका कहना है कि केले के जो पेड़ होते हैं. उनकी पत्तियां काफी ऊंची होती हैं लेकिन जो तना है वह कभी भी 7 फीट का नहीं होता. इसका सिर्फ तना ही 7 फीट ऊंचा है. उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. रूपक डे ने बताया कि इस तरह का दावा अगर उन्होंने किया है तो यकीनन जो विशेषज्ञ हैं उन्हें एक बार जाकर इसे देखना चाहिए.इसलिए मशहूर है मैंगो मैनमलिहाबाद के रहने वाले हाजी कलीम उल्लाह खान जिनकी उम्र 83 साल है. 2008 में इनको एक पेड़ पर आम की 300 से ज्यादा प्रजातियां उगाने की वजह से तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया था.ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|FIRST PUBLISHED : March 11, 2023, 13:21 IST
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Author story:The story of this writer of the district is amazing! The journey started by protesting against untouchability…Wrote many books : Uttar Pradesh News
Last Updated:February 07, 2026, 21:52 ISTBahraich Latest News : बहराइच जिले के रामेश्वर पवन की कहानी सामाजिक भेदभाव…

