उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है क्योंकि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए गए हैं। प्रयागराज पुलिस के वाराणसी पहुंचने की सूचना पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के सदस्य मठ पहुंचे हैं।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे जांच के लिए पूरी तरह तैयार हैं और सच्चाई सामने आएगी। वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा, “आने दीजिए पुलिस को, मैं सामना करने के लिए तैयार हूं। सच्चाई सामने आएगी और छद्मभेष धारियों की भी सच्चाई उजागर हो जाएगी। गिरफ्तारी हो तो उसके लिए भी तैयार हूं। मैं पुलिस का पूरा सहयोग करूंगा।”
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए ‘कालनेमि’ वाले बयान का जिक्र किया। शंकराचार्य ने कहा, “कालनेमि जो बैठा हुआ है वह चाहता है कि शंकराचार्य का अपमान हो। उसकी भी सच्चाई सामने आएगी। जो भी आएगा, उनका स्वागत है। जांच हो रही है तो हम सहयोग करेंगे। पुलिस को मामले को निस्तारित करने में जितनी रुचि है, उतनी ही हमारी भी है।”
कालनेमि और राहु का भी पर्दाफाश हुआ था शंकराचार्य ने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा, “रावण ने लंका कांड में सन्यासी का भेष धारण करके आया था, लेकिन उसका पर्दाफाश हो गया। इसी तरह कालनेमि और राहु का भी पर्दाफाश हुआ था। जो छद्मभेष धारी होगा, उसके ढोंग और पाखंड का अंत होगा।”
उन्होंने पुलिस जांच पर भरोसे की बात करते हुए कहा कि जनता उत्तर प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं कर रही है, इसलिए दूसरे प्रदेश की पुलिस जांच करे। गिरफ्तारी का प्रश्न नहीं बनता, क्योंकि घटना का कोई एविडेंस सुरक्षित रखने के लिए है और शिकायतकर्ता की ओर से इतने दिन बीत चुके हैं। हम कहीं भाग नहीं रहे हैं। फिर भी अगर गिरफ्तारी होती है तो ‘कालनेमि’ चाहता है। हम पुलिस का कोई विरोध नहीं करेंगे।
आरोपों को फर्जी बताया शंकराचार्य ने यह भी कहा कि कुछ अधिवक्ता यहां अपनी श्रद्धा से आए हैं। उन्होंने मामले को फर्जी बताते हुए जांच की मांग की और कहा कि सच्चाई सामने आने से सब स्पष्ट हो जाएगा।
नाबालिग बच्चों का दर्ज होगा बयान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस की एक टीम पीड़ित नाबालिग बच्चों का बयान दर्ज करने के लिए रवाना हुई। दो सब इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल की टीम रवाना की गई है। यौन शोषण का आरोप लगाने वाले नाबालिगों का कलम बंद बयान दर्ज करेगी पुलिस। आरोप लगाने वाले नाबालिग बच्चों का पुलिस मेडिकल भी करायेगी। बच्चों के बयान के बाद पुलिस इस मामले में आरोपियों की भी बयान दर्ज करेगी। यौन शोषण का आरोप लगाने वाले नाबालिग बच्चे परीक्षा भी दे रहे हैं। उन्हें परीक्षा देने में कोई परेशानी ना हो इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

