Uttar Pradesh

लगाते ही चढ़ेगा, धुलते ही साफ…कानपुर के बाजारों में आया ऐसा रंग, इस बार की होली स्किन फ्रेंडली

कानपुर में होली के मौके पर बाजारों में रंगों की रौनक बढ़ती जा रही है. इस बार होली पर लोग सुरक्षित और स्किन फ्रेंडली रंगों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. कानपुर के दुकानदारों का कहना है कि इस बार लोगों की पहली पसंद हल्के और प्राकृतिक रंग हैं. गुलाबी, पीला, हरा और केसरिया हर्बल कलर सबसे ज्यादा डिमांड में हैं. लोग ऐसे रंग लेना चाह रहे हैं जो आसानी से साफ भी हो जाएं और त्वचा को नुकसान भी न पहुंचाएं.

अबीर-गुलाल को ISO और NABL लैब से प्रमाणित किया गया है, जिससे लोगों का इन पर भरोसा बढ़ा है. कानपुर के रंग कारोबारी छंगू लाल गुप्ता ने बताया कि बाजार में आए नए अबीर-गुलाल को ISO और NABL लैब से प्रमाणित किया गया है, जिससे लोगों का भरोसा भी बढ़ा है. पहले लोग रंग खरीदते समय ज्यादा ध्यान नहीं देते थे, लेकिन अब ग्राहक खुद पूछ रहे हैं कि रंग स्किन के लिए सुरक्षित है या नहीं. इन हर्बल रंगों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें लगाने से त्वचा पर जलन, एलर्जी या खुजली जैसी समस्या नहीं होती. बच्चों और महिलाओं को ध्यान में रखते हुए इन रंगों को खास तरीके से तैयार किया गया है. यही कारण है कि परिवार वाले अब सुरक्षित रंगों को ही प्राथमिकता दे रहे हैं.

कीमत भी ज्यादा नहीं
आमतौर पर लोगों को लगता है कि ऑर्गेनिक या हर्बल रंग काफी महंगे होंगे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है. थोक बाजार में जहां सामान्य गुलाल करीब 50 रुपए प्रति किलो मिल रहा है, ISO और NABL प्रमाणित हर्बल गुलाल की कीमत लगभग 60 से 65 रुपए प्रति किलो है. थोड़े से अंतर में लोग सुरक्षित रंग खरीद पा रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि कम कीमत होने की वजह से इन रंगों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और हर वर्ग के लोग इन्हें खरीद रहे हैं.

मोदी मास्क और रंगीले बाल
इस बार होली बाजार में सिर्फ गुलाल ही नहीं बल्कि कई नए आकर्षण भी देखने को मिल रहे हैं. खास तौर पर मोदी मास्क की डिमांड काफी ज्यादा देखी जा रही है. बच्चे और युवा इन मास्क को पहनकर होली खेलने को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं. बाजार में रंग-बिरंगे नकली बाल, फैंसी कैप, स्प्रे कलर और अलग-अलग डिजाइन के होली एक्सेसरीज भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. होली पार्टी और सेल्फी ट्रेंड को देखते हुए युवा इन चीजों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं.

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