Uttar Pradesh

क्या आरिफ की दोस्ती को भूल गया सारस? यहां जानिए कानपुर चिड़ियाघर में अब कैसी है उसकी हालत

कानपुर: अमेठी के रहने वाले आरिफ और एक सारस की दोस्ती ने कभी पूरे देश का ध्यान खींचा था. खेत, तालाब, गांव की पगडंडियां हर जगह साथ-साथ घूमती इस इंसान-पक्षी की जोड़ी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई. लोग इसे इंसान और प्रकृति के अनोखे रिश्ते की मिसाल मानने लगे, लेकिन वक्त के साथ इस कहानी ने नया मोड़ लिया, जो अब कानपुर प्राणी उद्यान में लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है.

क्वारेंटाइन से शुरुआत, उदासी से जूझता सारस

26 मार्च को वन विभाग ने सारस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे आरिफ के घर से कानपुर चिड़ियाघर लाया. इंसानों के बीच पल-बढ़ा यह पक्षी अचानक अपने दोस्त से दूर हो गया. शुरुआती दिनों में सारस ने खाना कम कर दिया और अक्सर उदास नजर आने लगा. चिड़ियाघर प्रशासन ने उसकी सेहत पर खास नजर रखी, सीसीटीवी से निगरानी हुई और डॉक्टरों की टीम नियमित जांच करती रही.

आरिफ से मुलाकात, भावनाओं का सैलाब

कुछ दिनों बाद आरिफ को सारस से मिलने की अनुमति मिली. जैसे ही दोनों आमने-सामने आए, नजारा भावुक कर देने वाला था. सारस खुशी से पंख फड़फड़ाने लगा, मानों अपने जज़्बात जता रहा हो. यह मुलाकात भले ही कुछ देर की रही, लेकिन इसके बाद सारस के व्यवहार में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव दिखने लगा.

बड़ा खुलासा: नर नहीं, मादा निकली सारस

जांच के दौरान एक अहम बात सामने आई जिसे अब तक नर समझा जा रहा था, वह असल में मादा सारस निकली. इस खुलासे के बाद उसके व्यवहार को लेकर कई बातें साफ हो गईं कुछ ही समय में मादा सारस ने चिड़ियाघर में अपना एक साथी भी चुन लिया. अब दोनों एक ही बाड़े में रहते हैं, साथ-साथ चलते हैं, नाचते-कूदते हैं और एक-दूसरे के साथ समय बिताते नजर आते हैं.

नेचुरल डाइट और नई दिनचर्या

डॉक्टरों के मुताबिक, इंसानों के साथ रहने की वजह से सारस लंबे समय तक चावल-दाल जैसी चीजें खा रहा था. अब उसकी असली और प्राकृतिक डाइट शुरू हो गई है मक्का, चने की दाल, पत्ता गोभी और कुछ मछलियां. सही खान-पान से उसके स्वभाव में बड़ा बदलाव आया है. वह ज्यादा सक्रिय, चंचल और स्वस्थ दिखने लगा है.

पर्यटकों के लिए आकर्षण बनी नई जोड़ी

चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि सारस आम तौर पर जीवन में एक ही बार साथी चुनते हैं, ऐसे में इस मादा सारस द्वारा नया साथी चुनना खास घटना मानी जा रही है. जो पक्षी कभी अकेलेपन और उदासी में दिखता था, वह अब अपने साथी के साथ बाड़े में चहलकदमी करता नजर आता है. आज यह जोड़ी कानपुर चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन चुकी है. बड़ी संख्या में लोग इन्हें देखने पहुंच रहे हैं. सारस पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी नियमित मॉनिटरिंग जारी है. अब एक दोस्ती की कहानी नई खुशहाल जिंदगी में बदल चुकी है.

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