नोएडा में एक बड़ी गिरफ्तारी हुई है. यूपी एसटीएफ ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भारतीय खुफिया एजेंसी RAW का अधिकारी बताकर लोगों को ठग रहा था. आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र और बैंकिंग सामग्री बरामद की गई है. इससे पता चलता है कि वह संगठित तरीके से धोखाधड़ी का नेटवर्क चला रहा था.
मामला रविवार शाम थाना सूरजपुर क्षेत्र स्थित पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसायटी का है. यहां एसटीएफ ने दबिश देकर बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले सुनीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान एसटीएफ को आरोपी के फ्लैट से 2 फर्जी सरकारी आईडी, 20 अलग-अलग बैंकों की चेकबुक, 8 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 5 पैन कार्ड, 17 विभिन्न नामों पर तैयार किए गए एग्रीमेंट, 2 आधार कार्ड और 3 वोटर आईडी मिले. इसके अलावा कई अन्य संदिग्ध कागजात भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल वह लोगों को ठगने में करता था.
एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी अपने पास रखी फर्जी RAW ऑफिसर आईडी दिखाकर लोगों को विश्वास में ले लेता था. उसने पहचान पत्र एक दम असली दिखने जैसा तैयार किया था. उस पर उसकी फोटो और फर्जी आधिकारिक पहचान अंकित थी. इसी का फायदा उठाकर लोगों के बीच सरकारी काम करवाने, जांच प्रभावित करने या उच्च स्तरीय संपर्क होने का झांसा देकर पैसे वसूलता था. जांच में पता चला है कि वह लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय था और कई लोगों को अपनी पहचान के झांसे में लेकर ठग चुका है.
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कई फर्जी पहचान का उपयोग करता था. अलग-अलग नामों पर बैंकिंग दस्तावेज, एग्रीमेंट और आईडी इस्तेमाल करके वह अपने असली नाम को छुपाता था ताकि किसी भी जांच एजेंसी को उसकी गतिविधियों का आसानी से पता न चले. एसटीएफ अब उससे पूछताछ कर रही है कि उसके इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और उसने किस हद तक लोगों को नुकसान पहुंचाया है.
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है और उन सभी लोगों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पर फर्जी पहचान बनाई गई है. फिलहाल आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है.

