Uttar Pradesh

कन्नौज में फसलों का डिजिटल खसरा किया जा रहा अपडेट, 15 फरवरी तक चलेगा सर्वे, जानें इसके फायदे



अंजली शर्मा/कन्नौज: केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए जिले के सभी राजस्व ग्रामों का डिजिटल खसरा तैयार किया जाएगा. यह डेटाबेस किसानों के लिए वन स्टॉप सॉल्यूशन की तरह काम करेगा. इस डेटाबेस में हर फसल की जानकारी मौके पर जाकर अपडेट करनी होगी. गौरतलब है कि यूपी के सभी 75 जिलों में रबी फसलों की ई-खसरा पड़ताल (डिजिटल सर्वे) का काम 1 जनवरी से शुरू हो गया है. 15 फरवरी तक चलने वाले डिजिटल क्राप सर्वे के दौरान हर खेत के सर्वे का निर्णय लिया गया है.

जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह ने बताया कि खसरे में फसलों को अपडेट रखने के लिए पूरे जिले में सर्वे शुरू हो गया है. ई-खसरा पड़ताल के तहत जिले की तीनों तहसीलों में सर्वे का कार्य शुरू है. इसमें लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी और पंचायत सहायक को भी लगाया गया है. 15 फरवरी तक यह सर्वे पूरा हो जाएगा.

फसलों का मिलेगा सटीक आंकड़ाआवेश कुमार सिंह ने बताया कि खसरे में फसलों की स्थिति कई बार मौके पर कुछ और स्थिति होती थी. ऐसे में वास्तविक रकबा और उसके अनुसार खरीद फरोख्त की तैयारी में परेशानी का सामना करना पड़ता था. पिछले वर्ष किसानों को खरीफ फसल में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले के 22 गांव को शामिल कर खसरा पोर्टल पर अपडेट कराया गया था. इससे खेत में जाकर जिओ लोकेशन के हिसाब से फसलों का रकबा अंकित किया गया था. अब डिजिटल खसरा होने के बाद इससे न केवल फसल के सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे और रियल टाइम होंगे, बल्कि किस फसल का उत्पादन कम है या अधिक होगा, इसकी जानकारी पहले से होने पर समय रहते कदम उठाए जा सकते हैं.

क्यों जरूरी है डिजिटल खसरा?1- जमीन की भौगौलिक जानकारी के अलावा, खसरा नंबर जमीन के टुकड़े का आकार, जमीन कितनी उपजाऊ है, उस पर कौन सी फसल उगाई गई है और जमीन पर कितने पेड़ हैं इसकी सटीक जानकारी देता है.

2- खसरा नंबर के माध्यम से आप जमीन के मालिकाना हक की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं . जमीन के मालिकाना हक को लेकर खसरा नंबर बेहद जरूरी है.

डिजिटल खसरा के लाभ⦁ फसलों के सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे और ये रियल टाइम होंगे.⦁ किस फसल का उत्पादन कम है या अधिक होगा, इसकी जानकारी पहले से होने पर समय रहते कदम उठाए जा सकते हैं.⦁ किसानों को फसल बिक्री के दौरान पंजीकरण के लिए सत्यापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.⦁ फसल उत्पादन के अनुसार खरीद केंद्रों की संख्या निर्धारित होगी.⦁ फसल क्षति के दौरान किसानों को सही और उचित समय पर मुआवजा मिल पाएगा.
.Tags: Kannauj news, Local18, Uttar Pradesh News HindiFIRST PUBLISHED : January 14, 2024, 23:27 IST



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