Uttar Pradesh

कमाई को लेकर शख्स था परेशान, फिर आया गजब का आइडिया, अब कर रहा ऐसा व्यापार, छाप रहा खटाखट लाखों रुपये

उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक शख्स रोजगार को लेकर काफी परेशान रहता था. उसे चिंता सताती रहती थी कि वो क्या करे, जिससे अच्छा मुनाफा हो सके. आखिरकार उन्होंने कच्चे नूडल्स का व्यापार करने का सोचा और आज वो अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. हम बात कर रहे हैं भिन्गा रोड ग्राम असरफा परसोरा के रहने वाले कमलेश की. आइए जानते हैं कि कैसे नूडल्स का व्यापार करने का आइडिया आया और किस तरह तैयार किए जाते हैं व क्या है खास रेसिपी.

कमलेश ने बताया कि पहले बेटा प्राइवेट नौकरी किया करता था. मगर, प्राइवेट नौकरी से जो भी सैलरी मिलती थी सब घर में खर्च हो जाती थी. तब मेरे बेटे ने सोचा क्यों ना कोई बिजनेस किया जाए, जिससे अधिक कमाई हो सके और घर परिवार में खर्च करने के बाद कुछ पैसे बच भी सके. तब बेटे ने उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के बारे में सुना और जानकारी ली. यहां से जुड़कर नूडल्स बनाने की ट्रेनिंग ली और यहीं से मशीन लेने की सहायता मिली. फिर मशीन लेकर अपना खुद का नूडल्स बनाने का बिजनेस शुरू कर दिया. अब बेटे के साथ-साथ कमलेश खुद नूडल्स बनाकर सप्लाई करते हैं.

यूपी में मानो जैसे नूडल्स के तमाम चाहने वाले हो… हर गली नुक्कड़ पर नूडल्स बनते हुए नजर आ जाते हैं. लोग सुबह शाम बड़े चाव से लेते नजर आते हैं. यहां तक कि बड़े-बड़े रेस्टोरेंट में इनकी अच्छी खासी कीमत होती है. शायद यही वजह है कि नूडल्स बनाने का काम साल ब साल चलता रहता है. हालांकि, बरसात के मौसम में थोड़ी मांग कम हो जाती है. बहराइच जिले के रहने वाले कमलेश नूडल्स को इतनी मात्रा में बनाते हैं कि एक से दो दिनों में खत्म हो जाते हैं. नूडल्स को ज्यादा दिन रखने से इनका स्वाद बदल जाता है और ग्राहक पसंद भी नहीं करते हैं इसलिए इनकी जितनी खपत होती है उतना ही बनाते हैं।

नूडल्स बनाने की प्रक्रिया बहुत जटिल नहीं है. इसको आप आराम से बना सकते हैं. नूडल्स बनाने के लिए सबसे पहले आटा गूंथना होता है. मैदे, पानी और नमक जैसे सामग्री को मिक्सर में डालकर अच्छी तरह गूंथा जाता है. फिर गूंथे हुए आटे को कई रोलर्स से गुजारा जाता है, जिससे यह एक पतली शीट में बदल जाएं और आकार देकर काट लिया जाए. काटने के बाद शीट को डाई से गुजारकर नूडल्स का आकार दे दिया जाता है और फिर कटर से अलग-अलग लंबाई में काटा जाता है. इसके बाद बारी आती है सुखाने और पकाने की… नूडल्स को हीटिंग चेंबर में सुखाया जाता है या स्टीमर में हल्का पकाया जाता है. इसके बाद ठंडा कर पैक कर लिया जाता है. अब यह बिक्री के लिए पूरी तरह तैयार है.

कमलेश के नूडल्स की कीमत बहुत कम है. 900 ग्राम का पैकेट 40 रुपये में और 1 किग्रा का पैकेट 45 रुपये में बड़े आराम से मिल जाएगा. अगर आप भी लेना चाहते हैं कमलेश के नूडल्स का स्वाद तो आपको बहराइच जिले के भिंगा रोड पर असरफा परसोरा गांव जाना पड़ेगा. यहां पर आपको यह नूडल्स बड़े आराम से मिल जाएंगे.

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