कलयुग में काकभुशुण्डि? यहां कौवा जप रहा राम-राम, भक्तों ने कहा-चमत्कार! देखें Viral Video



अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ : अयोध्या में प्रभु श्री राम का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम हो चुका है. भगवान श्री राम के दर्शन करने के लिए रोज हजारों की तादाद में भक्त वहां पहुंच रहे हैं और कोई ना कोई अद्भुत लीलाएं वहां से देखने के लिए मिल रही है. इसी क्रम में इन दिनों वायरल हो रहा एक कौवे का वीडियो जो अयोध्या रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है. वीडियो में एक आदमी मराठी भाषा में बात करते सुनाई दे रहा है.

इस वायरल वीडियो में एक कौवा लगातार राम राम जप रहा है. या यूं कहें कि राम-राम रट रहा है. यह अद्भुत वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं और प्रभु श्री राम के भक्त इस कौवे को काकभुशुण्डि का अवतार बता रहे हैं. इस वीडियो को ट्वीट किया है एक्स पर सतीश चंद्र मिश्रा नाम की शख्स ने, इसे लगातार लोग देख कर कोई जय श्री राम लिख रहा है. वहीं ज्यादातर लोग इस कौवे को काकभुशुण्डि का ही अवतार बता रहे हैं. हालांकि यह वीडियो कहां का है Local 18 इसकी पुष्टि नहीं करता.

कौन है काकभुशुण्डि?सर्वप्रथम श्रीराम की कथा भगवान श्री शंकर ने माता पार्वती जी को सुनाई थी. उस कथा को एक कौवे ने भी सुन लिया. उसी कौवे का पुनर्जन्म कागभुशुण्डि के रूप में हुआ. काकभुशुण्डि को पूर्व जन्म में भगवान शंकर के मुख से सुनी वह रामकथा पूरी याद थी. उन्होंने यह कथा अपने शिष्यों को सुनाई. इस प्रकार रामकथा का प्रचार-प्रसार हुआ. भगवान शंकर के मुख से निकली श्रीराम की यह पवित्र कथा ‘अध्यात्म रामायण’ के नाम से विख्यात है.काकभुशुण्डि लोमश ऋषि के शाप के चलते काकभुशुण्डि कौवा बन गए थे. लोमश ऋषि ने शाप से मु‍क्त होने के लिए उन्हें राम मंत्र और इच्छा मृत्यु का वरदान दिया. कहते हैं कौवे के रूप में ही उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन व्यतीत किया. वाल्मीकि से पहले ही काकभुशुण्डि ने रामायण गिद्धराज गरूड़ को सुना दी थी. कौए का शरीर पाने के बाद ही राममंत्र मिलने के कारण उस शरीर से उन्हें प्रेम हो गया और वे कौए के रूप में ही रहने लगे कालांतर में काकभुशुण्डि के नाम से प्रसिद्ध हो गए.
.Tags: Ayodhya News, Local18, Lucknow news, OMG News, Uttar Pradesh News HindiFIRST PUBLISHED : February 8, 2024, 20:51 IST



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