Uttar Pradesh

किसान भाई! सर्दियों में सरसों की पैदावार बढ़ाने के ये सुपरहिट तरीके, तुरंत अपनाएं, बन जाएंगे मालामाल

Last Updated:January 04, 2026, 15:42 ISTSarson Ki Kheti: सरसों की सर्दियों में फसल सुरक्षित रखना मुश्किल हो सकता है. लेकिन हल्की सिंचाई, संतुलित उर्वरक, कीट नियंत्रण, खेत की सफाई और मौसम की जानकारी जैसे आसान उपाय अपनाकर आप अपनी फसल को मजबूत और स्वस्थ रख सकते हैं. इस खबर में जानिए ठंड में भी सरसों की खेती कैसे सफल बनाएं. आइए जानते हैं. ठंड के मौसम में सरसों की फसल पर पाले का खतरा सबसे अधिक रहता है. पाले से बचाव के लिए खेत में हल्की सिंचाई करना फायदेमंद होता है. इससे खेत का तापमान संतुलित रहता है और पौधे ठंड से सुरक्षित रहते हैं. शाम के समय सिंचाई करने से पाले का असर कम होता है. सर्दियों में जरूरत से ज्यादा पानी देना फसल को नुकसान पहुंचा सकता है. सरसों के खेत में हल्की और समय पर सिंचाई करें. पानी खेत में जमा न होने दें, वरना जड़ों में सड़न की समस्या हो सकती है. ठंड में मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन अधिक नमी से बचाव भी उतना ही जरूरी है. ठंड के समय सरसों की अच्छी बढ़वार के लिए संतुलित उर्वरक देना जरूरी है. नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का सही मात्रा में प्रयोग करें. साथ ही, सल्फर का प्रयोग भी फसल के लिए लाभकारी माना जाता है. उर्वरक का छिड़काव केवल मौसम साफ होने पर करें, ताकि पौधों को पूरा फायदा मिले. Add News18 as Preferred Source on Google ठंड में सरसों की फसल पर माहू, चेंपा और सफेद रोली जैसे कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है. खेत का नियमित निरीक्षण जरूरी है. कीट दिखाई देने पर तुरंत कृषि विशेषज्ञ से सलाह लेकर दवा का छिड़काव करें. समय पर नियंत्रण न करने से उत्पादन पर सीधा असर पड़ता है. खरपतवार होने से सरसों के पौधों को पोषक तत्व नहीं मिल पाते. ठंड में हल्की निराई-गुड़ाई करने से मिट्टी में हवा का संचार होता है. इससे जड़ें मजबूत होती हैं और पौधों की बढ़वार बेहतर होती है. साफ खेत से फसल स्वस्थ रहती है और पैदावार भी बढ़ती है. ठंड के मौसम में अचानक तापमान गिर सकता है या कोहरा बन सकता है. किसानों को मौसम की जानकारी नियमित रूप से लेते रहना चाहिए. मौसम के अनुसार ही सिंचाई, दवा और उर्वरक का प्रयोग करें. मौसम की अनदेखी से फसल को भारी नुकसान हो सकता है. सरसों में फूल आने के समय ठंड का असर सबसे अधिक पड़ता है. इस अवस्था में खेत को पाले से बचाना बेहद जरूरी है. हल्की सिंचाई और धुआं करने की विधि अपनाकर फूल झड़ने की समस्या कम की जा सकती है. सही देखभाल से दाना भराव भी अच्छा होता है. सर्दियों में सरसों की खेती करते समय कृषि विभाग या विशेषज्ञ की सलाह लेना फायदेमंद रहता है. स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुझाव मिलने से फसल सुरक्षित रहती है. सही समय पर सही निर्णय लेने से लागत कम होती है और किसानों को बेहतर उत्पादन मिलता है.First Published :January 04, 2026, 15:42 ISThomeagricultureकिसान भाई! सर्दियों में सरसों की पैदावार बढ़ाने के सुपरहिट तरीके, तुरंत अपनाएं

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