Last Updated:January 15, 2026, 20:05 ISTProfitable Side Business for Farmers: किसान अगर खेती के साथ अतिरिक्त कमाई का जरिया बनाना चाहते हैं तो बकरी पालन उनके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय सही नस्ल के चयन, समय पर टीकाकरण और साफ-सफाई के जरिए अच्छा मुनाफा देता है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बकरी पालन से किसान दूध और मांस की बिक्री कर अपनी आमदनी को मजबूत बना सकते हैं.मुरादाबाद: आज के समय में किसान केवल खेती पर निर्भर रहकर अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर पा रहे हैं. बढ़ती महंगाई और खेती की लागत को देखते हुए किसान अब ऐसे विकल्प तलाश रहे हैं, जिनसे खेती के साथ-साथ अतिरिक्त आमदनी भी हो सके. इसी दिशा में बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय बनकर सामने आया है, जो कम खर्च में शुरू होकर अच्छा मुनाफा देता है.किसान अगर खेती के साथ कोई दूसरा काम करना चाहते हैं, तो बकरी पालन उनके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. यह व्यवसाय छोटे स्तर से शुरू किया जा सकता है और धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर अच्छी कमाई की जा सकती है.
खेती के साथ करें बकरी पालन, होगा ज्यादा फायदाकृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि किसान खेती के साथ-साथ बकरी पालन भी कर सकते हैं. बकरी पालन शुरू करने से पहले सही नस्ल का चयन करना बहुत जरूरी होता है. किसान को अपने क्षेत्र के अनुसार यह देखना चाहिए कि वहां कौन सी बकरी की नस्ल ज्यादा पसंद की जाती है और बाजार में जिसकी मांग अधिक है.उन्होंने बताया कि बकरी पालन में कुल तीन जरूरी टीकाकरण होते हैं. समय पर टीकाकरण कराने से बकरियों को बीमारियों से बचाया जा सकता है. इसके साथ ही बकरियों के रहने की जगह की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए.
एक साल में देती है कई बच्चे, बाजार में अच्छी कीमतकृषि वैज्ञानिक के अनुसार एक बकरी एक वर्ष के अंदर औसतन पांच बच्चों को जन्म देती है. इन बच्चों का सही तरीके से पालन-पोषण किया जाए, तो उन्हें आसानी से बाजार में अच्छी कीमत पर बेचा जा सकता है. यही कारण है कि बकरी पालन किसानों के लिए तेजी से मुनाफा देने वाला व्यवसाय बन रहा है.
ठंड से बचाव है बेहद जरूरीइस समय ठंड का मौसम चल रहा है. ऐसे में बकरियों और उनके बच्चों को ठंड से बचाना बहुत जरूरी है. ठंड लगने से बकरी के बच्चों को नुकसान हो सकता है. इसलिए बकरियों के लिए मजबूत और सुरक्षित बाड़ा या शेड बनाकर रखना चाहिए, ताकि ठंडी हवा से बचाव हो सके.बकरियों को बाहर चराने भी ले जाया जा सकता है. अगर बाहर ले जाना संभव न हो, तो आसपास ऐसे पेड़-पौधे लगाएं, जिनकी पत्तियां बकरियां खा सकें. इससे बकरियों को हरा चारा भी मिलेगा और वातावरण भी हरा-भरा रहेगा.
दूध और मांस दोनों की बढ़ रही है मांगडॉ. दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया कि बकरी के दूध की मांग भी धीरे-धीरे बढ़ रही है. बकरी का दूध स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसलिए किसान इसका दूध भी बाजार में बेचकर अच्छी आमदनी कर सकते हैं. वहीं बकरी के मांस की मांग तो लगातार बनी रहती है और इसकी बिक्री पूरे साल होती रहती है.खेती के साथ बकरी पालन किसानों की आमदनी बढ़ाने का एक मजबूत जरिया बनता जा रहा है. कम लागत, ज्यादा मुनाफा और बाजार में लगातार मांग होने के कारण यह व्यवसाय किसानों के भविष्य के लिए भी लाभदायक साबित हो सकता है.About the AuthorSeema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ेंLocation :Moradabad,Uttar PradeshFirst Published :January 15, 2026, 20:05 ISThomeagricultureकिसान भाई! खेती के साथ करें ये कमाल का बिजनेस, 3 तरीकों से होगी कमाई

