Last Updated:January 14, 2026, 14:58 ISTGenhu Ki Kheti: पश्चिमी यूपी में गेहूं की फसल किसान की आमदनी का प्रमुख स्रोत है. जनवरी और फरवरी का महीना गेहूं की बाली निकलने की अवस्था के लिए बेहद अहम होता है. अगर किसान इस समय पौधों को सही पोषक तत्व दें, तो बाली मजबूत होगी, दाने चमकदार और स्वस्थ होंगे और उत्पादन भी बढ़ेगा. आइए जानते हैं कैसे सही समय पर उर्वरक और पोषक तत्वों का छिड़काव करना गेहूं की पैदावार बढ़ाने का सबसे असरदार तरीका है.सहारनपुर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश कृषि के लिहाज से विभिन्न फसलों के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां के अधिकतर किसान गेहूं की खेती पर विशेष ध्यान देते हैं. गेहूं का पौधा जैसे-जैसे बढ़ता है, वैसे-वैसे उसे पोषक तत्वों की आवश्यकता भी बढ़ती जाती है. जनवरी और फरवरी का महीना गेहूं की फसल के लिए सबसे अहम माना जाता है, क्योंकि इसी समय बूट से बाली निकलने की अवस्था आती है. किसान अगर इस दौरान पौधों को पर्याप्त पोषण देंगे, तो बाली मजबूत होगी, दाने स्वस्थ और चमकदार होंगे, और बाजार में उनका मूल्य भी बेहतर मिलेगा.
कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ आई.के कुशवाहा ने बताया कि कई किसान बुवाई के समय पर्याप्त उर्वरक और पोषक तत्व नहीं डाल पाते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि और बाली की मजबूती प्रभावित हो सकती है. लेकिन बाली निकलने से पहले उचित पोषक तत्वों का छिड़काव कर किसान अपनी फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों बढ़ा सकते हैं. यह तरीका केवल उत्पादन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि गेहूं को निरोगी और मजबूत बनाने के लिए भी बेहद प्रभावशाली है.
बाली निकलने से पहले गेहूं में पोषण का महत्वडॉ कुशवाहा बताते हैं कि यदि फसल में बूट में पहुंचने से पहले पौधों को जिंक सल्फेट और यूरिया का घोल, नैनो डीएपी या नैनो एनपीके दिया जाए, तो पौधे मजबूत बनते हैं. यह छिड़काव पौधों को बाली बनाने के लिए जरूरी पोषण प्रदान करता है. खड़ी फसल पर सही समय पर छिड़काव करने से बाली अंदर से मजबूत होती है और दाने स्वस्थ, चमकदार और निरोगी रहते हैं.
उत्पादन में होगी वृद्धिकृषि विशेषज्ञ का कहना है कि बाली निकलने के 15 दिन पहले से इस छिड़काव की शुरुआत करनी चाहिए और इसे 2 से 3 बार दोहराना चाहिए. अगर पौधों को पर्याप्त पोषण पहले ही मिल जाता है, तो बाली पूरी तरह से विकसित होती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है. इसके विपरीत, अगर बाली पहले ही कमजोर निकलती है, तो बाद में कोई भी पोषक तत्व डालने से परिणाम संतोषजनक नहीं मिलते. इसलिए किसान को बाली निकलने से पहले ही पोषण सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि गेहूं के दाने मजबूत, चमकदार और उच्च गुणवत्ता वाले हों.
इस तरह, पौधों को सही पोषक तत्व देने और समय पर छिड़काव करने से किसान अपनी गेहूं की फसल से अधिक लाभ कमा सकते हैं. यह तरीका न केवल उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है, बल्कि फसल को रोग मुक्त और पौष्टिक बनाए रखने में भी कारगर साबित होता है.About the AuthorSeema Nathसीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ेंLocation :Saharanpur,Uttar PradeshFirst Published :January 14, 2026, 14:58 ISThomeagricultureकिसान भाई! जनवरी-फरवरी में ये 3 छिड़काव आपके गेहूं की बाली को बनाएंगे स्ट्रांग

