Kidney disease warning sign: भारत में किडनी की बीमारी दिन-प्रतिदिन काफी आम होती जा रही है, जिसका सबसे बड़ा कारण डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर है. शरीर में राजमे के आकार के दो अंग किडनी रक्त से अतिरिक्त पानी और गंदगी को छानते हैं और पेशाब के माध्यम से बाहर निकालते हैं. किडनी की बीमारी का मतलब है कि आपकी किडनी डैमेज हो गई हैं और खून को उस तरह से फिल्टर नहीं कर पा रहे हैं जिस तरह से उन्हें करना चाहिए.कहानी अभी बाकी हैलाइव टीवी
किडनी की बीमारी में कई तरह के लक्षण होते हैं जिनमें सांस की तकलीफ, थकान, सोने में कठिनाई और पेशाब में खून आदि शामिल हैं. शुरुआती चरणों में, कुछ अति सूक्ष्म लक्षण पैरों की सूजन भी है. इन सबके अलावा, त्वचा से भी किडनी में बीमारी का पता चलता है, जैसे- त्वचा की खुजली, चकत्ते पड़ना या स्किन का रूखापन. ये दिक्कत शरीर में ज्यादा मूत्र स्तर के कारण होता है. अक्सर यह देखा जाता है कि डायलिसिस पर आने वाले मरीजों ने खुजली जैसे त्वचा के बहुत सारे लक्षणों की शिकायत की है.
डॉक्टरों के अनुसार, यदि किसी मरीज को बिना किसी कारण त्वचा लाल या असामान्य चकत्ते पड़ते हैं, किडनी का टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. कभी-कभी यह जानकर आश्चर्य होता है कि त्वचा की समस्या सिर्फ कोई आप स्किन प्रॉब्लम नहीं, बल्कि किडनी बीमारी है.
किडनी की बीमारी को कैसे रोकेंअगर आप अपनी किडनी को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो ज्यादा नमक वाली चीजों से परहेज करें. अतिरिक्त नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन न करें. आपके द्वारा प्रतिदिन उपयोग किए जाने वाले सोडियम की मात्रा और आपके प्रोटीन सेवन को सीमित करने का प्रयास करें. अगर आपके परिवार में किडनी की समस्या है तो कम पोटेशियम वाले फूड चुनें.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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