Uttar Pradesh

‘कई बार मन किया नौकरी छोड़ दें, लेकिन अब…’, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनुदेशकों के चेहरे खिले, क्या कहा

Last Updated:February 07, 2026, 15:52 ISTChitrakoot News: प्राथमिक विद्यालयों के अनुदेशक के वेतन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकारी स्कूलों में तैनात अनुदेशकों के चेहरे पर खुशी है. लोकल 18 जब अलग-अलग प्राथमिक विद्यालयों में पहुंची, तो वहां के अध्यापकों से अलग-अलग जवाब सुनने को मिला. चित्रकूट: कभी चुपचाप अपनी ड्यूटी निभाने वाले प्राथमिक विद्यालयों के अनुदेशक आज खुलकर मुस्कुरा रहे हैं. वजह है सुप्रीम कोर्ट का वह ऐतिहासिक फैसला, जिसने वर्षों से लंबित वेतन विसंगति पर बड़ा निर्णय सुनाया है. कोर्ट ने सरकारी स्कूलों में तैनात अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का आदेश दिया है. इतना ही नहीं, यह व्यवस्था सत्र 2017-18 से प्रभावी मानी जाएगी और छह माह के भीतर बकाया भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

लोकल 18 की टीम चित्रकूट जिले के अलग-अलग प्राथमिक विद्यालयों में पहुंची, तो वहां के अध्यापकों से अलग-अलग जवाब सुनने को मिला. इसके साथ ही जिन चेहरों पर पहले आर्थिक चिंता की लकीरें साफ दिखती थीं, वहां अब उम्मीद की चमक दिखाई दे रही है.

9 हजार में घर चलाना मुश्किल

प्राथमिक विद्यालय में तैनात अनुदेशक राजकुमारी ने बताया कि हम लोग कई सालों से इस फैसले का इंतजार कर रहे थे. 9 हजार रुपये में घर चलाना, बच्चों की पढ़ाई कराना और खुद स्कूल तक आना-जाना, सब कुछ मुश्किल हो जाता था. कई बार लगा कि नौकरी छोड़ दें, लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए टिके रहते हैं. यह फैसला दस वर्षों के संघर्ष का परिणाम है. हम लोगों को इंतजार है कि सरकार आगे 2/3 साल में हम लोगों को भी स्थाई कर देगी.

कोर्ट के फैसले का स्वागत

जितेंद्र धनराज ने आगे की जानकारी देते हुए बताया कि कई वर्षों से वह विद्यालय में सेवाएं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम नियमित शिक्षकों की तरह ही पढ़ाते हैं, जिम्मेदारियां भी वैसी ही हैं, लेकिन मानदेय आधा भी नहीं मिलता था. कोर्ट का यह फैसला हमारे आत्मसम्मान से जुड़ा है, क्योंकि आज की महंगाई में इतने कम पैसे में घर चलाना मुश्किल हो जाता है. अब तो हम लोगों को 11 महीने का ही पैसा मिलता है.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हम लोग स्वागत करते हैं और उम्मीद है कि सरकार भी इस फैसले को मानेगी और हम लोग के बारे में सोचेगी. हालांकि अब निगाहें सरकार पर टिकी हैं. अनुदेशकों को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का समयबद्ध पालन होगा और छह महीने के भीतर एरियर सहित बढ़ा हुआ मानदेय उनके खातों में पहुंचेगा.Location :Chitrakoot,Uttar PradeshFirst Published :February 07, 2026, 15:52 ISThomeuttar-pradesh’कई बार मन किया नौकरी छोड़ दें, अब…’, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से अनुदेशक खुश

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