Uttar Pradesh

कच्चा या पका… कौन सा बेल सेहत के लिए फायदेमंद, किन समस्याओं से दिलाता है छुटकारा, एक्सपर्ट ने बताया

गर्म मौसम में पेट की समस्या से निपटने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खा

गर्म मौसम में अक्सर व्यक्ति का खान-पान बदलने के साथ उसके शरीर में बदलाव, हार्मोंस में बदलाव और यहां तक की बदलाव के कारण ही पेट में गर्मी, पेट का साफ ना होना, पेट में सूजन और पेट की कोई भी समस्या आने लगती है. लेकिन आज हम आपको एक ऐसा आयुर्वेदिक नुस्खा बताने जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल करके आप पेट में होने वाली किसी भी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. हम किसी दवाई की बात नहीं कर रहे हैं, हम बात कर रहे हैं एक ऐसे फल की, जो कम ही लोग खाना पसंद करते हैं, लेकिन जो लोग इसका इस्तेमाल करते हैं, उनको कभी पेट की समस्या नहीं होती.

अगर किसी को पेट की समस्या हो भी जाती है, तो भी इसका इस्तेमाल किया जाता है. अगर किसी व्यक्ति को पेट की कोई भी समस्या हो और वह बेल जिसको (पत्थर बेल) के नाम से भी जाना जाता है, इसका सेवन आसानी से कर सकता है. अब बात आती है कि किसका सेवन करें, कच्चा बेल या फिर पका हुआ बेल.

कच्चे बेल का ऐसे करें इस्तेमाल

आयुर्वेदिक चिकित्सालय से बीएएमएस, एमडी डॉ. हर्ष ने बताया कि बिल्ब फल यानी बेल का फल एकमात्र ऐसा फल है, जो कच्चा भी प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा कोई भी फल हम कच्चा प्रयोग नहीं कर सकते हैं. कच्चा बिल्ब फल अतिसार करता है. यह आपका पेट साफ करने में मदद कर आता है. जिनको कांसेपशियन की समस्या रहती है, उनको यह कच्चा बेल का फल दिया जा सकता है.

पके हुए बेल का ऐसे करें इस्तेमाल

जहां तक बात है पके हुए बेल फल की तो यह ग्राही होता है. अगर किसी को बार-बार पेट की समस्या आ रही है, खाना खाने के बाद पेट साफ नहीं हो रहा है, तो हम पका हुआ बेल फल इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. यह शरीर को ठंडक देता है, बॉडी में जो एक्स्ट्रा हिट जनरेट होती है, जिनका पित्त बढ़ा रहता है, उनके लिए बड़ा लाभदायक है. आपके शरीर में किसी भी तरह की स्वेलिंग अगर बढ़ रही है, तो उस स्वेलिंग को खत्म करने के लिए यह काफी लाभदायक है.

भोजन पाचन में कारगर

डॉ. हर्ष ने बताया कि यह लिपिड प्रोफाइल मेंटेन करने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. इसके अलावा बेल का प्रयोग हम भोजन के पाचन को सुधारने में भी अच्छी तरह से कर सकते हैं. अगर हम बेल के फल की चटनी बना लेते हैं, तो वह चटनी एक-एक चम्मच सुबह-शाम यानी 5 ग्राम सुबह और 5 ग्राम शाम सादे पानी से लें, तो यह बहुत अच्छा लाभ करता है.

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