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कब्ज का परमानेंट इलाज| remedies for constipation| कब्ज के लिए घरेलू उपाय | Constipation Remedy: आंतों में जमे सूखे मल को सॉफ्ट बनाती हैं ये 5 चीजें, बिना चूर्ण ठीक होगा कब्ज



कब्ज एक ऐसी आम समस्या है जो न केवल शरीर को परेशान करती है बल्कि मन को भी बेचैन कर देती है. पेट भारी महसूस होना, घंटों टॉयलेट में बैठना और फिर भी पूरी तरह से साफ न हो पाना ये अनुभव बहुतों के लिए रोजमर्रा की चुनौती बन चुके हैं. अक्सर लोग झट से दवाओं या लैक्सेटिव्स की ओर भागते हैं, लेकिन हर बार इनका सहारा लेना सही नहीं है. 
खास बात यह है कि कई बार इसका इलाज आपके किचन में ही मौजूद होता है. कुछ घरेलू खाद्य पदार्थ नेचुरल स्टूल सॉफ्टनर की तरह काम करते हैं, जो आंतों को बिना किसी साइड इफेक्ट के आराम से काम करने में मदद करते हैं. यहां आप ऐसी ही 5 असरदार और सरल उपायों को जान सकते हैं जो कब्ज से राहत दिलाने में कारगर हैं.
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गर्म पानी और नींबू
सुबह-सुबह एक गिलास गर्म पानी में आधे नींबू का रस मिलाकर पीने से डाइजेशन एक्टिव होता है. नींबू बाइल (पित्त रस) के स्राव को बढ़ाता है जो भोजन को तोड़ने में मदद करता है, और गर्म पानी मल त्याग को आसान बनाता है. इसके लिए खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू निचोड़कर धीरे-धीरे पिएं. चाहें तो एक चम्मच शहद भी मिला सकते हैं.
अलसी के बीज
अलसी में घुलनशील फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं, जो न केवल मल को मुलायम बनाते हैं बल्कि आंतों की सेहत को भी बेहतर करते हैं. रिसर्च के अनुसार, रोजाना अलसी का सेवन करने से हफ्ते में बाउल मूवमेंट्स की संख्या दोगुनी हो सकती है. इसके लिए 1 चम्मच पिसी हुई अलसी को स्मूदी, दलिया या गुनगुने पानी में मिलाकर लें. साबुत से ज्यादा पिसी अलसी असरदार होती है.
पपीता
पपीता पाचन में मदद करने वाला एंजाइम “पपेन” से भरपूर होता है, जो प्रोटीन को तोड़ता है और आंतों की गतिशीलता को बढ़ाता है. इसमें फाइबर और पानी की मात्रा भी अधिक होती है, जो इसे एक नेचुरल लैक्सेटिव बनाते हैं. इसके लिए एक कटोरी पका हुआ पपीता नाश्ते के बाद या स्मूदी के रूप में ले सकते हैं.
भिगोए हुए किशमिश
किशमिश में फाइबर और टार्टारिक एसिड पाया जाता है, जो पाचन को दुरुस्त करता है और मल त्याग में नियमितता लाता है. ऐसे में रात में 8–10 किशमिश पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट पानी के साथ खाएं.
घी और गर्म दूध
आयुर्वेद में कब्ज के इलाज के लिए घी और दूध का प्रयोग वर्षों से होता आया है. घी में ब्यूटिरिक एसिड होता है, जो आंतों को चिकनाई देता है और मल को बाहर निकालना आसान बनाता है. ऐसे में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में 1 चम्मच देसी घी मिलाकर पीना कब्ज की समस्या में बहुत फायदेमंद साबित होता है. 
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Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. 
 



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