Last Updated:January 25, 2026, 17:26 ISTइस अशोक स्तंभ से जुड़ी एक मान्यता यह भी है कि कई वर्ष पहले ग्रामीण लोग इसे दोनों हाथों से उठाने का प्रयास करते थे, लेकिन वह नहीं उठ पाता था. कहा जाता है कि जब वही लोग गंगा नदी में स्नान करने के बाद पुनः इसे उठाने का प्रयास करते थे, तो यह संभव हो जाता था. मूल रूप से वत्स राज्य की राजधानी कौशाम्बी बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र थी.ख़बरें फटाफटकौशाम्बी का अशोक स्तंभ वर्तमान में कौशाम्बी के किले में स्थित है. इस स्तंभ की स्थापना सम्राट अशोक ने करवाई थी. कौशाम्बी के किले में स्थित यह अशोक स्तंभ बौद्ध धर्म से गहराई से जुड़ा हुआ है. मान्यता है कि भगवान बुद्ध ने कौशाम्बी में प्रवास किया था, इसी कारण यह क्षेत्र बौद्ध अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है. इतिहासकारों के अनुसार, इसी वजह से सम्राट अशोक ने यहां इस स्तंभ की स्थापना करवाई थी. यह स्तंभ चुनार के बलुआ पत्थर से बना हुआ है और इसे एक ही पत्थर से तराशा गया था. अशोक स्तंभ की ऊंचाई लगभग 45 से 50 फीट है और इसका व्यास करीब 1.50 मीटर है.
अशोक स्तंभ की मान्यता
इस अशोक स्तंभ से जुड़ी एक मान्यता यह भी है कि कई वर्ष पहले ग्रामीण लोग इसे दोनों हाथों से उठाने का प्रयास करते थे, लेकिन वह नहीं उठ पाता था. कहा जाता है कि जब वही लोग गंगा नदी में स्नान करने के बाद पुनः इसे उठाने का प्रयास करते थे, तो यह संभव हो जाता था. मूल रूप से वत्स राज्य की राजधानी कौशाम्बी बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र थी. यह अशोक स्तंभ शांति, अहिंसा और बौद्ध धर्म के प्रचार का प्रतीक माना जाता है.
इंदिरा गांधी के कार्यकाल में हुई थी स्तंभ को उखाड़ने की कोशिश
ग्रामीण रामबली कनौजिया के अनुसार, किले परिसर में स्थित इस अशोक स्तंभ का निर्माण सम्राट अशोक ने करवाया था. अशोक स्तंभ के ऊपरी हिस्से में चार मुख वाला शेर स्थापित था.
60 से 70 बीघे में फैला है किला
रामबली कनौजिया ने यह भी बताया कि अशोक स्तंभ के नीचे जैनियों का एक बहुत बड़ा स्वर्ण मंदिर स्थित है. यह किला लगभग 60 से 70 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है. लोगों का मानना है कि समय के साथ हुए आक्रमणों, प्राकृतिक आपदाओं और काल के प्रभाव के कारण सोने के आभूषण और जेवरात आज भी जमीन के नीचे दबे हुए हैं. इसी कारण किले परिसर में प्रशासन की ओर से पहरा रहता है और यहां घूमने के लिए पर्यटक भी आते हैं.About the AuthorVivek Kumarविवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ेंLocation :Kaushambi,Uttar PradeshFirst Published :January 25, 2026, 17:04 ISThomeuttar-pradeshकौशाम्बी का ऐतिहासिक धरोहर अशोक स्तंभ, आज भी है आस्था और इतिहास का केंद्र

