mahila sadhu divya giri education: महिला साधु के तौर पर पहचान बनाने वाली महंत दिव्या गिरी ने पैथालॉजी में पढ़ाई कर bsc की डिग्री पाई. वह UP के बाराबंकी में जन्मीं. मेडिकल की पढ़ाई कर पैथोलॉजिस्ट बनने की चाह रखने वाली दिव्या गिरी आध्यात्म की दुनिया में चली गईं. उन्होंने अपना जीवन भोलेनाथ को समर्पित कर दिया. जब 2002 में सन्यास लिया सिर्फ 22 साल की थीं. फिर दीक्षा ली और 2004 में कुंभ के आयोजन पूरी तरह संन्यास लिया. 2008 में मनकामेश्वर मंदिर में महंत बनीं.
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