कृष्ण गोपाल द्विवेदी/बस्ती: बस्ती के बाबा भद्रेश्वर नाथ मंदिर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने राम नगरी अयोध्या के सरयु नदी से जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया. बोल बम और हर-हर महादेव के नारे से शिवालय गूंज उठे. लाखों की संख्या में शिव भक्त अयोध्या से जल लेकर 230 किलोमीटर की पद यात्रा कर भद्रेश्वर नाथ मंदिर पर पहुंच रहे हैं. मंदिर में शिवलिंग का जलाभिषेक कर सुख समृद्धि की कामना कर रहे हैं.शिव भक्तों का कहना है कि 65 किलोमीटर जाना फिर उतना ही आना ये पद यात्रा करना आसान नहीं है लेकिन शिव की भक्ति में इतनी शक्ति है की पद यात्रा में किसी तरह की तकलीफ महसूस नहीं होती है. मन्दिर के पुजारी सूर्यदेव गिरी ने बताया कि यहां भक्तों द्वारा सच्ची श्रद्धा से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. इस मन्दिर का इतिहास बेहद ही पौराणिक है. इनके शिवलिंग का आकार ऐसा है की कोई भी व्यक्ति उसे अपने दोनो हाथों से नहीं पकड़ सकता है. ऐसी महिमा भगवान भद्रेश्वर नाथ की. अभी तक दो लाख से अधिक श्रृद्धालु जलाभिषेक कर चुके हैं जो आंकड़ा बढ़कर 4 लाख तक जा सकती है.बाबा भद्रेश्वर नाथ का प्राचीन मंदिरबाबा भद्रेश्वर नाथ मंदिर अपने आप में एक युग का इतिहास समेटे हुए है. जो लगभग 7 हज़ार वर्ष पुरानी शिवलिंग है. कहा जाता है कि इस शिवलिंग की पूजा भगवान राम से लेकर रावण और अज्ञातवास के समय युधिष्ठिर ने भी की थी. बस्ती मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर कुआनों नदी के तट पर बाबा भद्रेश्वर नाथ का प्राचीन मंदिर स्थित है. वैसे तो यहां पूरे साल शिवभक्तों के जल चढ़ाने का क्रम चलता रहता है. लेकिन सोमवार और सावन के महीने में तो यहां लाखों की संख्या में दूर-दूर से शिवभक्त आते हैं.थकावट महसूस नहीं होतीशिव भक्त कावड़िए राम सेवक पाल ने बताया कि वह सिद्धार्थनगर से अयोध्या पदयात्रा करके गया और सरयु से जल लेकर भगवान भद्रेश्वर नाथ का जलाभिषेक किया. 220 किलोमीटर से भी अधिक पैदल चलने के बाद भी उसको थकावट महसूस नहीं हो रही है..FIRST PUBLISHED : July 16, 2023, 09:42 IST
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