नई दिल्ली. भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कानपुर, आगरा और मथुरा से ट्रेनों की संख्या बढ़ाने जा रहा है. साथ ही, इन स्टेशनों के आसपास के टर्मिनलों को रिडेवलप किया जाएगा. यह कदम बढ़ती यात्रियों की मांग को पूरा करने, स्टेशनों पर भीड़ कम करने और देशभर में बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए उठाया गया है. इससे केवल यात्रियों को आरामदायक सफर देगी, बल्कि औद्योगिक, पर्यटन और धार्मिक केंद्रों के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी.
रेलवे ने 2030 तक इन तीन शहरों से नई ट्रेनों की शुरुआत (ओरिजिनेटिंग) की मौजूदा क्षमता से दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए मुख्य कामों में अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, स्टेबलिंग लाइनें, पिट लाइनें, आधुनिक शंटिंग सुविधाएं, नए सैटेलाइट टर्मिनल और मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है. सिग्नलिंग अपग्रेड और मल्टी-ट्रैकिंग से ट्रैक क्षमता भी बढ़ाई जाएगी.
कानपुर स्टेशन में क्या होगा बदलाव
औद्योगिक हब में बड़ी छलांग कानपुर देश का प्रमुख जंक्शन है, जो 5 दिशाओं से जुड़ा है. वर्तमान में यहां से 26 ट्रेनें शुरू होती हैं और कुल 300 ट्रेनें आपरेट होती हैं. योजना के बाद ओरिजिनेटिंग ट्रेनें बढ़कर 40 हो जाएंगी और हैंडलिंग क्षमता 450 ट्रेनों तक पहुंचेगी. कानपुर सेंट्रल के साथ पनकी धाम, गोविंदपुरी और जूही में नए टर्मिनल विकसित किए जाएंगे. एक मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स भी बनेगा, जिससे नई लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू हो सकेंगी.
मथुरा स्टेशन का क्या होगा रिडेवलपमेंट प्लान
धार्मिक पर्यटन का नया द्वार मथुरा दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-चेन्नई मार्ग पर भारी दबाव वाला स्टेशन है. यहां से वर्तमान में 4 मेल/एक्सप्रेस और 5 पैसेंजर ट्रेनें शुरू होती हैं. 2030 तक ओरिजिनेटिंग क्षमता दोगुनी करने से ब्रज क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन के लिए अधिक विशेष ट्रेनें चलाई जा सकेंगी.
आगरा का जानें प्लान
पर्यटन केंद्र पर फोकस आगरा में आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, राजा की मंडी, आगरा सिटी और ईदगाह जैसे स्टेशन हैं. वर्तमान में 10 मेल और एक्सप्रेस और 4 पैसेंजर ट्रेनें शुरू होती हैं. योजना से पर्यटन सीजन और त्योहारों में 100 फीसदी अतिरिक्त ट्रेनें संभालने की क्षमता विकसित होगी. आगरा कैंट और ईदगाह पर टर्मिनल क्षमता बढ़ाई जाएगी.

